राजस्थान में जल्द शुरू होगी 'सहकारी कैब', ओला, उबर, रैपिडो की मनमानी पर लगेगी लगाम

राजस्थान में जल्द शुरू होगी 'सहकारी कैब', ओला, उबर, रैपिडो की मनमानी पर लगेगी लगाम

जयपुर: राजस्थान में जल्द ही 'को-ऑपरेटिव टैक्सी सर्विस' शुरू होने जा रही है। इसकी तैयारियां तेजी से चल रही हैं। इस सेवा के शुरू होने से ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में परिवहन की समस्या दूर होगी और ओला, उबर और रैपिडो जैसी निजी कैब सेवाओं की मनमानी पर लगाम लगेगी।

सहकारी कैब सेवा का उद्देश्य:

  • ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराना।
  • ओला, उबर और रैपिडो जैसी निजी कैब सेवाओं की मनमानी पर लगाम लगाना।
  • स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करना।
  • पर्यटन को बढ़ावा देना।

सहकारी कैब सेवा की विशेषताएं:

  • यह सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से संचालित की जाएगी।
  • इसमें बाइक, कार और रिक्शा जैसी सेवाएं उपलब्ध होंगी।
  • स्थानीय लोग अपनी बाइक या कार को पंजीकृत कराकर रोजगार प्राप्त कर सकेंगे।
  • किराया निजी कैब सेवाओं की तुलना में कम होगा।
  • यह सेवा सुरक्षित और विश्वसनीय होगी।

सहकारी कैब सेवा से लाभ:

  • ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों के लोगों को अपनी मंजिल तक पहुंचने में आसानी होगी।
  • स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे, जिससे उनकी आय बढ़ेगी।
  • पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को लाभ होगा।
  • निजी कैब सेवाओं की मनमानी पर लगाम लगेगी।

वर्तमान स्थिति:

  • राजस्थान में 8 हजार ग्राम सेवा सहकारी समितियां हैं, जबकि कुल 37 हजार 642 सहकारी समितियां हैं, जिसमें 1 करोड़ 26 लाख से ज्यादा सदस्य हैं।
  • कई जिले सार्वजनिक परिवहन के साधनों को तरस रहे हैं।
  • परिवहन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, प्रति एक हजार जनसंख्या पर जयपुर में सर्वाधिक 516 और कोटा में 503 वाहन हैं, जबकि प्रतापगढ़ में 143, करौली में 131, जालोर में 160, बाड़मेर में 126, बांसवाड़ा में 268, चूरू में 128, उदयपुर में 328 और राजसमंद में 215 वाहन हैं।

आगे की योजना:

  • प्रारंभिक तौर पर यह सेवा दूरदराज के इलाकों के लिए होगी।
  • बाद में इसका विस्तार किया जा सकता है।

अतिरिक्त जानकारी:

  • सिंगापुर, थाईलैंड जैसे कई देशों में यह व्यवस्था पहले से ही लागू है।
  • इस सेवा के शुरू होने से पर्यटकों या अन्य लोगों के साथ ठगी या मनमानी भी नहीं की जा सकेगी।
  • सरकार इस योजना को लेकर बहुत ही ज्यादा गंभीर है।
  • इस सेवा से जुड़ने के लिए लोग ऑनलाइन अपना पंजीकरण भी करा सकते है।

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