जयपुर, 11 अप्रैल: राजस्थान सरकार की कर्मचारियों के लिए संचालित महत्वाकांक्षी हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) में एक बड़े वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। इस गड़बड़ी में डॉक्टरों और मेडिकल स्टोर संचालकों द्वारा कथित तौर पर एक ही मरीज के नाम पर कई बार फर्जी रिपोर्ट अपलोड कर करोड़ों रुपए का सरकारी धन हड़पने का मामला सामने आया है। इस खुलासे के बाद चिकित्सा विभाग हरकत में आ गया है और अब तक 275 मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं।
इस पूरे फर्जीवाड़े का तरीका यह था कि डॉक्टर और मेडिकल स्टोर संचालक मिलीभगत कर एक ही मरीज के नाम पर बार-बार रिपोर्ट अपलोड करते थे और उसके एवज में भुगतान उठाते थे। जब यह गड़बड़ी पकड़ में आई, तो संबंधित डॉक्टरों और मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई और उनसे रिकवरी निकालने की प्रक्रिया जारी है। इस मामले के उजागर होने के बाद राजस्थान चिकित्सा विभाग ने इस पर गंभीरता से संज्ञान लिया है।
डॉक्टरों पर होगी कठोर कार्रवाई: चिकित्सा मंत्री
मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने सख्त लहजे में कहा कि आरजीएचएस वित्त विभाग के अधीन आता है, जिसकी मंत्री दिया कुमारी हैं और वही इस पर जवाब देंगी। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यदि वित्त विभाग उन्हें कोई शिकायत भेजता है, तो वे दोषी डॉक्टरों पर निश्चित रूप से कठोर कार्रवाई करेंगे।
उन्होंने कहा, "यदि ऐसी कोई भी शिकायत आती है, चाहे वह स्वास्थ्य विभाग से आए या वित्त विभाग से, मैं उस पर पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई करूंगा। चाहे वह ट्रांसप्लांट का मुद्दा हो या कोई और मुद्दा हो, हम कठोरता से कार्रवाई करेंगे। इस मामले में जो भी डॉक्टर शामिल पाए जाएंगे, उन पर कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।"
रडार पर 100 शिक्षक, 275 मेडिकल स्टोर लाइसेंस रद्द:
वहीं, वित्त विभाग की ओर से इस मामले पर जानकारी दी गई है कि विभाग इस तरह के मामलों पर लगातार कार्रवाई कर रहा है। अब तक ऐसे 100 मामले सामने आए हैं, जिनमें ज्यादातर शिक्षा विभाग के शिक्षक शामिल हैं। वित्त विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि इन पर आरोप सिद्ध होते हैं, तो उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई जाएगी। इस घोटाले में संलिप्त पाए गए लगभग 275 मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं और उन्हें आरजीएचएस स्कीम से हटा दिया गया है।
इस बड़े घोटाले के सामने आने के बाद राज्य सरकार पर आरजीएचएस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं और भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की उम्मीद की जा रही है।
#आरजीएचएसघोटाला #राजस्थान #भ्रष्टाचार #मेडिकलस्टोर #डॉक्टर #शिक्षक #लाइसेंस #कार्रवाई #वित्तविभाग #चिकित्साविभाग #फर्जीवाड़ा
No comments yet. Be the first to comment!
Please Login to comment.
© G News Portal. All Rights Reserved.