जयपुर: राजस्थान में भाजपा सरकार द्वारा तीन संभाग और नौ जिलों को खत्म करने के फैसले पर कांग्रेस ने विरोध का बिगुल फूंक दिया है। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इसे जनता के हितों के खिलाफ कदम बताते हुए सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करने की घोषणा की है।
कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा कि जिन मापदंडों के आधार पर जिलों और संभागों को खत्म किया गया है, वे क्या हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में पूरी तरह से सही मापदंड अपनाकर जनता की भावनाओं के अनुरूप 17 नए जिले और तीन संभाग बनाए थे। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार ने यह फैसला बिना किसी ठोस कारण के लिया है, जिससे जनता के हितों पर कुठाराघात हुआ है।
डोटासरा ने आरोप लगाया कि सरकार ने भाजपा के कार्यकर्ता और रिटायर्ड आईएएस ललित के. पंवार की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी की सिफारिश पर जिलों और संभागों को खत्म किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है, जब 1 जनवरी से जनगणना के कारण जिलों की सीमाओं में बदलाव पर रोक है। साथ ही, कोर्ट में भी इस मामले पर फिलहाल सुनवाई नहीं हो सकती, जिससे यह जनता के साथ बड़ा अन्याय है।
डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस जनता के साथ खड़ी है और इस मुद्दे पर सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार को झुकाकर ही दम लेंगे और जनता के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाएंगे। उन्होंने इसे जनता के हितों पर हमला करार दिया और कहा कि कांग्रेस इस अन्याय के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर आवाज उठाएगी।
गौरतलब है कि कांग्रेस की पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार ने 17 नए जिले और तीन नए संभाग बनाए थे। इसमें जयपुर ग्रामीण, बालोतरा, डीडवाना-कुचामन, फलौदी, अनूपगढ़, जोधपुर ग्रामीण, सलूंबर, सांचौर, शाहपुरा, नीमकाथाना, गंगापुर सिटी, खैरथल-तिजारा, डीग, कोटपूतली-बहरोड़, ब्यावर, केकड़ी और दूदू को नया जिला बनाया गया था। वहीं, सीकर, पाली और बांसवाड़ा को नए संभाग के रूप में स्थापित किया गया था।
भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद इन जिलों और संभागों की समीक्षा के लिए रिटायर्ड आईएएस ललित के. पंवार की अध्यक्षता में कमेटी बनाई थी। इस कमेटी की सिफारिश पर सीकर, पाली और बांसवाड़ा संभाग को खत्म कर दिया गया। साथ ही, 17 नए जिलों में से 9 जिलों को भी समाप्त कर दिया गया। इसमें दूदू, केकड़ी, शाहपुरा, नीमकाथाना, गंगापुर सिटी, जयपुर ग्रामीण, जोधपुर ग्रामीण, अनूपगढ़ और सांचौर शामिल हैं।
कांग्रेस ने घोषणा की है कि 3 जनवरी के बाद प्रदेशभर में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। इस मुद्दे को जनता तक ले जाकर सरकार के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
कांग्रेस का यह कदम राजस्थान की राजनीति में एक बड़े टकराव की स्थिति पैदा कर सकता है, जहां भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। जनता के बीच इस मुद्दे पर गहरी बहस छिड़ गई है और अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस के आंदोलन का क्या असर होता है।
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