कोटा | रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों ने सोमवार को अपनी कर्तव्यनिष्ठा और तत्परता की दो अलग-अलग मिसालें पेश की हैं। कोटा मंडल के तहत हिंडौन और भवानीमंडी आरपीएफ चौकी ने सराहनीय कार्य करते हुए जहाँ एक ओर बुजुर्ग महिला को उनका खोया हुआ कीमती सामान लौटाया, वहीं दूसरी ओर एक नाबालिग बच्ची को मानव तस्करी का शिकार होने से बचा लिया।
करौली के गैरई गांव की रहने वाली 60 वर्षीय कौशल्या मीणा रविवार को सोगरिया-नई दिल्ली ट्रेन (20451) से यात्रा कर रही थीं। श्री महावीर जी स्टेशन पर उतरते समय वे जल्दबाजी में अपना पर्स कोच B-4 की सीट नंबर 60 पर ही भूल गईं।
पर्स में करीब ₹1,49,200 का सामान था, जिसमें शामिल थे:
₹1 लाख का सोने का मंगलसूत्र
₹10,000 की चांदी की माला
₹17,200 नकद, ₹22,000 का मोबाइल और दस्तावेज।
बदहवास महिला की सूचना पर महावीर आरपीएफ ने तुरंत हिंडौन आरपीएफ को अलर्ट किया। सहायक उप निरीक्षक सतपाल सिंह, आरक्षक राकेश और देवी सिंह ने हिंडौन स्टेशन पर ट्रेन पहुँचते ही कोच की सघन तलाशी ली और पर्स बरामद कर लिया। 'ऑपरेशन अमानत' के तहत सारा सामान महिला को सही-सलामत सौंप दिया गया।
दूसरी बड़ी कार्रवाई भवानीमंडी आरपीएफ द्वारा की गई। गुजरात पुलिस से सूचना मिली थी कि बांद्रा-लखनऊ एक्सप्रेस (20921) में एक युवक एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जा रहा है।
सूचना मिलते ही भवानीमंडी आरपीएफ सक्रिय हुई और ट्रेन के पहुँचते ही फोटो के आधार पर तलाशी शुरू की। स्लीपर कोच में संदिग्ध युवक और नाबालिग मिल गए, जिन्हें तुरंत ट्रेन से नीचे उतारा गया। पूछताछ में सामने आया कि लड़की बिहार की रहने वाली है और युवक उसे जबरन ले जा रहा था। आरपीएफ ने दोनों को सुरक्षित रूप से गुजरात पुलिस को सौंप दिया है।
| स्टेशन | कार्रवाई | मुख्य उपलब्धि |
| हिंडौन | ऑपरेशन अमानत | ₹1.5 लाख का सामान बरामद |
| भवानीमंडी | मानव सुरक्षा | नाबालिग को अपहरण से बचाया |
"RPF की यह तत्परता दर्शाती है कि भारतीय रेल न केवल यात्रा का माध्यम है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और उनके सामान की रक्षा के प्रति भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"
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