Rail News Kota: डीआरएम अनिल कालरा और चीफ इंजीनियर ने ने शुक्रवार को सवाईमाधोपुर पहुंचकर मालगाड़ी गिरने की जगह का निरीक्षण किया। चीफ इंजीनियर जबलपुर अजमेर ट्रेन से सीधी माधोपुर पहुंचे थे। दोनों ने करीब तीन घंटे तक बारिकी से मौका मुआयना किया। रेल पटरियों और और डिब्बों की जांच कर गाड़ी गिरने के कारणों का पता लगाने की कौशिश की। इसके चलते कालरा ने क्षतिग्रस्त डिब्बों के अंदर जाकर भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कालरा ने घटना के समय ड्यूटि पर मौजूद सुपरवाइजरों, कर्मचारियों तथा अधिकारियों से भी पूछताछ की। लेकिन काफी मशक्कत के बाद भी घटना के ठोस कारणों का पता नहीं चल सका। हालांकि निरीक्षण के दौरान कालरा ने मालगाड़ी के पहले डिब्बे गिरने और बाद में पटरी टूटने की आशंका जताई है। वहीं कैरिज और वैगन विभाग पटरी टूटने के बाद डिब्बे गिरने की आंशका जता रहा है। घटना के सही कारणों का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। मामले की जांच वरिष्ठ अधिकारियों की कमेटी को सौंपी गई है।
11 घंटे बाद उठे डिब्बे
घटना के बाद डिब्बे उठाने में करीब 11 घंटे लग गए। गुरुवार शाम 4.40 बजे हुई घटना के बाद शुक्रवार तड़के करीब 3.30 बजे तक चारो डिब्बों को उठाया जा सका। सुबह इन डिब्बों को मौके से हटाकर दूसरी जगह खड़ा किया गया। बाकी ट्रेन को आगे रवाना कर दिया गया।
स्टेशन का किया निरीक्षण
मालगाड़ी दुर्घटना के बाद कालरा ने सवाईमाधोपुर स्टेशन का भी निरीक्षण किया। यहां पर कालरा ने विशेष रुप से अमृत भारत योजना के तहत हो रहे स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों को देखा। निरीक्षण के दौरान भीड़ भाड़ को देर कर कालरा ने केवल चुनिंदा अधिकारियों को ही अपने साथ रखा।
आज डकनिया स्टेशन का निरीखक्ष
कालरा शनिवार को डकनिया स्टेशन का निरीक्षण करेंगें। निरीक्षण के लिए कालरा सड़क मार्ग से सुबह 10 बजे डकनिया स्टेशन पहुंचेगे।
यह है मामला
उल्लेखनीय है कि सवाईमाधोपुर रेलवे यार्ड में शुक्रवार को एक मालगाड़ी के चार डिब्बे पटरी से उतर गए थे। घटना के बाद कोटा और गंगापुर से पहुंची दुर्घटना राहत ट्रेन द्वारा गिरे डिब्बों को उठाया गया। कोयला भरी यह मालगाड़ी कोटा की तरफ से सुरतगढ़ थर्मल प्लांट जा रही थी।