राजस्थान - राजस्थान में गर्मी की शुरुआत के साथ ही पानी की मांग में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इस समय प्रदेश के बांधों में केवल 49.14 फीसदी पानी ही बचा है, और 264 बांध पूरी तरह से सूख चुके हैं। इससे प्रदेश के 10 जिलों में पानी की भारी किल्लत होने की आशंका है।
इंदिरा गांधी नहर में मरम्मत कार्य
उत्तर पश्चिम राजस्थान के दस जिलों में पानी की आपूर्ति का मुख्य स्रोत इंदिरा गांधी नहर में दो महीने के लिए मरम्मत का कार्य होने जा रहा है, जिससे पानी की किल्लत और भी गंभीर हो सकती है।
सरकार का एक्शन प्लान
राज्य सरकार ने पेयजल आपूर्ति के लिए एक आपातकालीन योजना बनाई है, जिसके लिए 263 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को पेयजल आपूर्ति के लिए 1 करोड़ रुपये खर्च करने के लिए अधिकृत किया गया है।
बड़े बांधों की स्थिति
प्रदेश के 22 बड़े बांधों में वर्तमान में 61.41 फीसदी पानी है। जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, कोटा संभाग के बांधों में सबसे अधिक पानी उपलब्ध है, जबकि जोधपुर संभाग के बांधों में केवल 22.50 फीसदी पानी ही बचा है।
गांधीसागर बांध में पर्याप्त पानी
गांधीसागर बांध में अभी पर्याप्त पानी है, और यह 73.39 फीसदी भरा हुआ है।
सरकार के उपाय
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