जयपुर/दादिया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दादिया रैली में वसुंधरा राजे पर सकारात्मक टिप्पणी के बाद उनके समर्थकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। लंबे समय बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक मंच से वसुंधरा राजे के योगदान की सराहना की, जिससे वसुंधरा कैंप में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, "पहले भैरोंसिंह शेखावत ने राजस्थान में विकास की सशक्त नींव रखी, फिर वसुंधरा राजे ने कमान संभाली और सुशासन की इस विरासत को आगे बढ़ाया। अब भजनलाल शर्मा की सरकार सुशासन की धरोहर को और समृद्ध करने में जुटी है।"
प्रधानमंत्री मोदी की इस टिप्पणी के बाद वसुंधरा समर्थकों में उत्सव जैसा माहौल है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस टिप्पणी का गहरा राजनीतिक अर्थ है और इससे वसुंधरा राजे की भूमिका को लेकर कई अटकलें तेज हो सकती हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा की डबल इंजन सरकारें सुशासन की गारंटी हैं। उन्होंने राजस्थान में भाजपा सरकारों के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि वसुंधरा राजे ने प्रदेश में विकास को नई दिशा दी थी।
प्रधानमंत्री मोदी की इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान राजस्थान की राजनीति में वसुंधरा राजे के महत्व को फिर से उजागर करता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने वर्तमान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि "भजनलाल सरकार सुशासन की धरोहर को और मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है।" उन्होंने इस एक साल के कार्यकाल को राज्य के विकास की मजबूत नींव करार दिया।
वसुंधरा कैंप के नेताओं और समर्थकों ने प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह बयान भाजपा की सुशासन परंपरा और नेतृत्व की एकता को दर्शाता है।
वसुंधरा राजे के समर्थन में आई इस टिप्पणी ने भाजपा के भीतर संतुलन और समन्वय के नए संकेत दिए हैं। आने वाले समय में इस बयान के राजनीतिक निहितार्थ क्या होंगे, यह देखना दिलचस्प होगा।
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