भरतपुर। भरतपुर जिले के बयाना क्षेत्र में स्थित सिंघरावली गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की स्थिति बेहद चिंताजनक है। यहां बुनियादी सुविधाओं की इतनी कमी है कि छात्रों को कक्षाओं के लिए पर्याप्त कमरे तक नहीं मिल पा रहे हैं, जिसके चलते उन्हें बारिश और तेज धूप में भी खुले में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह विद्यालय 12वीं तक की कक्षाओं का संचालन कर रहा है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि पूरे स्कूल को केवल 5 शिक्षक ही संभाल रहे हैं। इस वजह से एक शिक्षक को एक साथ कई कक्षाएं देखनी पड़ती हैं, जिसका सीधा असर शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ रहा है।
स्कूल में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। छात्रों के लिए पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है, और सबसे गंभीर बात यह है कि शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। छात्र-छात्राओं को खुले में शौच के लिए जाने को मजबूर होना पड़ रहा है, जो स्वच्छता और सुरक्षा दोनों के लिहाज से बेहद शर्मनाक है।
ग्रामीणों ने इस दयनीय स्थिति के बारे में पंचायत से लेकर जिला शिक्षा अधिकारियों तक कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन इसके बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है। स्कूल प्रिंसिपल देवनारायण मीणा ने भी बताया कि उन्होंने शिक्षकों की कमी और मूलभूत सुविधाओं के अभाव के बारे में उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया है।
यह स्थिति न केवल छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि शिक्षा के अधिकार का भी उल्लंघन है। स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग की इस अनदेखी पर सवाल उठना लाज़मी है।
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