करौली, 10 जनवरी: राष्ट्रीय परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत जिले में नवनियुक्त महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों के बारे में प्रशिक्षित किया गया। यह प्रशिक्षण जिले में मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण में क्या शामिल रहा?
- परिवार नियोजन के अस्थायी साधन: प्रशिक्षण में नवनियुक्त महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को माला-एन दैनिक गोली, छाया साप्ताहिक गोली, आपातकालीन गर्भनिरोधक गोलियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
- लाभार्थियों को परामर्श: कार्यकर्ताओं को बताया गया कि योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन के साधन देने से पहले उन्हें अच्छे से परामर्श देना जरूरी है।
- नियमित फॉलो-अप: लाभार्थियों का नियमित रूप से फॉलो-अप करना भी महत्वपूर्ण है।
- चिकित्सा संस्थानों पर सुविधाएं: सभी चिकित्सा संस्थानों में परिवार नियोजन कक्ष स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
प्रशिक्षण का उद्देश्य:
- गुणवत्तापूर्ण सेवाएं: जिले में परिवार नियोजन के लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करना।
- मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी: मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लाना।
- योग्य दंपतियों को जागरूक करना: योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन के लाभों के बारे में जागरूक करना।
विशेषज्ञों की भूमिका:
- डॉ. दिनेशचंद मीना: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
- डॉ. सतीशचंद मीना: उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने प्रशिक्षणार्थियों को निर्देशित किया।
- डॉ. शिवलहरी अग्रवाल: उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
- यूएनएफपीए प्रतिनिधि मनोज जांगिड़: उन्होंने चिकित्सा संस्थानों पर परिवार नियोजन कक्ष स्थापित करने के बारे में जानकारी प्रदान की।
यह प्रशिक्षण क्यों महत्वपूर्ण है?
यह प्रशिक्षण इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे नवनियुक्त महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता परिवार नियोजन के बारे में अधिक जानकार होंगी और वे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकेंगी। इससे मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी और जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
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