जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में रविवार देर रात भीषण अग्निकांड से हड़कंप मच गया। ट्रॉमा सेंटर के न्यूरो आईसीयू वार्ड में लगी इस आग में 8 मरीजों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें तीन महिलाएं शामिल हैं।
प्रारंभिक जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, जो ट्रॉमा सेंटर के स्टोर रूम से फैली। इस स्टोर रूम में पेपर, आईसीयू उपकरण और ब्लड सैंपलर ट्यूब जैसे ज्वलनशील सामान रखे थे।
दम घुटने से गई जान, 5 मरीज गंभीर
हादसे के समय न्यूरो आईसीयू में 11 मरीज भर्ती थे, जबकि बगल के वार्ड में 13 मरीज थे। आग लगते ही धुआं तेजी से पूरे वार्ड में फैल गया, जिससे मरीजों को सांस लेने में भारी दिक्कत हुई। अस्पताल कर्मचारियों ने तत्काल मरीजों को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन धुएं और आग की चपेट में आने से पिंटू, दिलीप, श्रीनाथ, रुक्मणी, खुश्मा, सर्वेश, दिगंबर वर्मा और बहादुर समेत 8 मरीजों की जान नहीं बचाई जा सकी।
हादसे में 5 मरीज गंभीर रूप से झुलस गए हैं और उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
6 सदस्यीय जांच कमेटी गठित, सीएम ने दौरा रद्द किया
इस दुखद घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चिकित्सा विभाग के आयुक्त इकबाल खान की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। यह कमेटी आग लगने के कारणों और अस्पताल प्रशासन की संभावित लापरवाही की जांच करेगी।
घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपना दिल्ली दौरा रद्द कर दिया। वह देर रात करीब ढाई बजे अस्पताल पहुंचे, पीड़ितों से मुलाकात की और हरसंभव मदद का आश्वासन देते हुए जांच कमेटी के गठन का ऐलान किया। उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम और विधायक बालमुकुंदाचार्य भी अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
PM मोदी और अमित शाह ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हृदयविदारक हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि, "जयपुर के SMS अस्पताल में आग लगने से हुई जान-माल की हानि अत्यंत दुखद है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। ईश्वर घायलों को शीघ्र स्वस्थ करें।"
गृह मंत्री अमित शाह और राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त किया। शाह ने कहा कि स्थानीय प्रशासन मरीजों की सुरक्षा, इलाज और प्रभावित लोगों की देखभाल के लिए हर संभव कदम उठा रहा है।
परिजनों और नेताओं ने प्रशासन पर लगाए लापरवाही के आरोप
इस बीच, अस्पताल के बाहर पीड़ितों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने राज्य सरकार और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक रफीक खान, टीकाराम जूली और सचिन पायलट ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया और दावा किया कि प्रशासन की देरी के कारण ही हादसा बड़ा हुआ। उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए उचित मुआवजे की मांग की है।
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