12वीं की किताब पर राजस्थान में घमासान: शिक्षा मंत्री बोले - 'गांधी परिवार का ज्यादा गुणगान, इस पुस्तक पर लगेगा बैन'

12वीं की किताब पर राजस्थान में घमासान: शिक्षा मंत्री बोले - 'गांधी परिवार का ज्यादा गुणगान, इस पुस्तक पर लगेगा बैन'

जयपुर, राजस्थान: राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर शैक्षणिक किताबों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने 12वीं कक्षा की पुस्तक 'आजादी के बाद का स्वर्णिम भारत' पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की घोषणा कर दी है। मंत्री का आरोप है कि यह किताब केवल गांधी-नेहरू परिवार और कांग्रेस नेताओं को महिमामंडित करती है, जबकि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वपूर्ण योगदान को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया है।

गुरुवार को अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शिक्षा मंत्री दिलावर ने कहा कि किताब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योगदान का बहुत ही कम जिक्र है, उनके योगदान को एक तरह से भुला दिया गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "लग रहा है, जैसे सबकुछ कांग्रेस ने ही किया है।" मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राजस्थान के स्कूलों में "अकबर जैसे लुटेरे व दुष्कर्मियों" को नहीं पढ़ाया जाएगा।

हजारों किताबें बांटे जाने और लाखों रुपये खर्च हो जाने के बाद अब इन किताबों पर प्रतिबंध लगाने की बात पर शिक्षा मंत्री ने कटाक्ष किया, "जहर लाखों रुपये का आए तो क्या इंसान उसे खा लेगा?" उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सिर्फ गांधी परिवार को पढ़ाने के लिए यह सब किया है।

'मोदी ने देश के लिए बहुत कुछ किया'

मंत्री दिलावर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योगदान पर जोर देते हुए कहा कि मोदी ने देश के लिए बहुत कुछ किया है, जैसे धारा 370 हटाना और राम मंदिर बनने का रास्ता साफ करना, लेकिन उनके बारे में किताब में पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई है। उन्होंने बताया कि किताब में गांधी-नेहरू परिवार सहित कांग्रेसी प्रधानमंत्रियों पर बहुत सारा कंटेंट है, जबकि पिछले 11 साल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योगदान पर पढ़ने के लिए बहुत कम जानकारी दी गई है। मोदी को अपेक्षित तवज्जो नहीं मिलने के कारण अब सरकार ने यह किताब विद्यार्थियों को नहीं पढ़ाने का फैसला किया है।

80 फीसदी किताबें बंट चुकी हैं, विवाद गहराया

इधर, राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल ने नए सत्र (2025) के लिए 4.90 लाख किताबें छाप कर तैयार कर दी थीं। इन किताबों को राज्य भर के 19,700 स्कूलों में बांटने का काम भी किया जा रहा है, और बताया जा रहा है कि लगभग 80 फीसदी किताबें बंट भी चुकी हैं। यह किताब राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से प्रकाशित की गई है। बोर्ड अधिकारियों का तर्क है कि सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही किताबें बांटी गई हैं। कक्षा 11-12 में यह किताब (भाग-1 व भाग-2 के रूप में) पिछली कांग्रेस सरकार के समय से पढ़ाई जा रही है। विभागीय अफसरों और पाठ्यक्रम निर्माण समिति ने पुराने संस्करण को सिर्फ वर्ष 2025 लगाकर हूबहू प्रिंट करवा लिया था। इस विवाद में सबसे ज्यादा बवाल किताब के भाग-2 पर है, जिसके कवर पर इंदिरा और राजीव गांधी की तस्वीरें भी हैं। इस फैसले से शैक्षणिक और राजनीतिक गलियारों में एक नया विवाद छिड़ गया है।

 

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