कोटा। कोटा-पटना ट्रेन की पैंट्रीकार में यात्रियों के लिए नियम विरुद्ध तरीके से खाना बनाने का मामला सामने आया है। कोटा स्टेशन पर खड़ी ट्रेन की मंगलवार को औचक जांच के दौरान मंडल वाणिज्य प्रबंधक (DCM) किशोर पटेल ने यह गड़बड़ी पकड़ी।
जांच के बाद पटेल ने खाना बनाने के काम आने वाला तेल का पीपा, पोहे, चावल, आलू, समोसे, चाय के कप और भगोना सहित अन्य सामान जब्त कर लिया। इसके अतिरिक्त, पटेल ने पैंट्रीकार में बिना पुलिस वेरिफिकेशन के काम कर रहे दो वेंडरों को भी पकड़ा। इन वेंडरों से 4,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया। इस पूरे मामले को लेकर IRCTC (इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन) को पत्र लिखा जा रहा है।
गौरतलब है कि रेलवे के नियमों के अनुसार, पैंट्रीकार में केवल विभिन्न स्टेशनों पर बेस किचन से चढ़ाए गए खाने को गर्म करने की ही अनुमति है। लेकिन इस नियम का गलत फायदा उठाकर पैंट्रीकार में ही अवैध रूप से खाना पकाया जा रहा था।
DCM पटेल ने इसी तरह स्टेशन पर मौजूद स्टॉलों की भी जांच की। जांच के दौरान कई स्थानों पर बिना वर्दी और पहचान पत्र के लाइसेंसी वेंडर काम करते पाए गए, जिन्हें पटेल ने चेतावनी जारी की है। जांच टीम में आरपीएफ, वाणिज्य और बिजली विभाग के अधिकारी भी शामिल थे, जिन्होंने स्टॉलों पर आग लगने की संभावनाओं की भी जांच की। पटना ट्रेन की पैंट्रीकार में भी बिजली के तार और बोर्ड आदि की बारीकी से जांच की गई।
यह कार्रवाई पिछले दिनों सवाई माधोपुर स्टेशन पर एक स्टॉल में लगी आग के बाद चलाए गए सेफ्टी ड्राइव (सुरक्षा अभियान) का हिस्सा है। सवाई माधोपुर में लगी आग से स्टॉल का एक हिस्सा जल गया था। गनीमत यह रही कि आग लगने के समय प्लेटफॉर्म पर कोई ट्रेन मौजूद नहीं थी, अन्यथा भीड़भाड़ के दौरान कोई यात्री भी आग की चपेट में आ सकता था। इस घटना के बाद से रेलवे प्रशासन सुरक्षा मानकों को लेकर अधिक सतर्क हो गया है।
No comments yet. Be the first to comment!
Please Login to comment.
© G News Portal. All Rights Reserved.