कोटा/गंगापुर सिटी | 15 मई, 2026 कोटा रेल मंडल के गंगापुर सिटी में रनिंग स्टाफ और प्रशासन के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। आगरा-असारवा (20177-78) ट्रेन के संचालन (Working) को अपने पास रखने की मांग को लेकर गंगापुर का रनिंग स्टाफ पिछले 5 दिनों से लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है।
रनिंग स्टाफ का कहना है कि जब यह ट्रेन 'हॉलिडे स्पेशल' के रूप में चलती थी, तब आगरा और उदयपुर के बीच इस ट्रेन के संचालन की जिम्मेदारी गंगापुर सिटी के स्टाफ के पास थी। लेकिन जैसे ही रेलवे ने इस ट्रेन को 'रेगुलर' किया, इसकी वर्किंग गंगापुर से छीनकर आगरा मंडल को सौंप दी गई।
स्टाफ की प्रमुख शिकायतें:
वर्किंग का अधिकार: स्टाफ का तर्क है कि भौगोलिक और पुरानी व्यवस्था के आधार पर यह वर्किंग गंगापुर की बनती है, जिसे आगरा मंडल को देना तकनीकी और व्यावहारिक रूप से गलत है।
चेकिंग स्टाफ पर भी कब्जा: केवल लोको पायलट और गार्ड ही नहीं, बल्कि अब इस ट्रेन में चेकिंग स्टाफ (TTE) भी आगरा मंडल का ही तैनात किया जा रहा है। पहले यहाँ गंगापुर का चेकिंग स्टाफ ड्यूटी करता था।
गंगापुर के रनिंग स्टाफ ने रेलवे प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रशासन स्थानीय स्टाफ के अधिकारों की अनदेखी कर रहा है।
"यदि समय रहते प्रशासन ने इस ट्रेन की रनिंग वापस गंगापुर सिटी को नहीं सौंपी, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा। हम अपने हक के लिए कार्य बहिष्कार जैसे कदम उठाने को भी मजबूर हो सकते हैं।"
— रनिंग स्टाफ प्रतिनिधि
पिछले पांच दिनों से जारी इस विरोध के बावजूद अब तक मंडल रेल प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट समाधान सामने नहीं आया है। इस विवाद के कारण रेल संचालन की सुगमता पर भी असर पड़ने की आशंका है। रेल कर्मचारियों के बीच यह मुद्दा अब एक बड़े आंदोलन की शक्ल लेता जा रहा है।
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