गंगापुर सिटी। राजस्थान के गंगापुर सिटी जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक बेहद गंभीर घटना सामने आई है। तालाब की ढाणी, हिंगोटा स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में एक हेडमास्टर की अनुशासनहीनता और मनमानी ने न केवल सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाई हैं, बल्कि शिक्षा के मंदिर को ‘ढाबे’ में तब्दील कर दिया।
ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी और आरोपों के अनुसार, विद्यालय के हेडमास्टर अमर सिंह मीणा स्कूल समय के दौरान कथित रूप से शराब के नशे में धुत पाए गए। हद तो तब हो गई जब हेडमास्टर ने बिना किसी विभागीय आदेश या ठोस कारण के बीच समय में ही पूरे स्कूल की छुट्टी कर दी। जब अभिभावक और ग्रामीण स्कूल पहुंचे, तो सभी कक्षाओं पर ताले लटके मिले, जिससे बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह ठप रही।
इस मामले का सबसे वीभत्स पहलू विद्यालय की रसोई में देखने को मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस रसोई में बच्चों के लिए 'मिड-डे मील' (मध्याह्न भोजन) तैयार होना चाहिए था, वहां हेडमास्टर की शह पर चिकन और विशेष टिक्कड़ पकाए जा रहे थे।
"यह स्कूल है या कोई ढाबा? जहां बच्चों को क ख ग सीखना चाहिए, वहां मांस पक रहा है और गुरुजी नशे में झूम रहे हैं। हम अपने बच्चों को यहां किस भरोसे भेजें?" — एक आक्रोशित ग्रामीण
जैसे ही स्कूल परिसर के भीतर चल रही इन अनैतिक गतिविधियों की भनक ग्रामीणों को लगी, वहां भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने इस घटना का कड़ा विरोध करते हुए मौके पर ही हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि हेडमास्टर की इस संवेदनहीनता ने न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, बल्कि सरकारी स्कूल की साख को भी मिट्टी में मिला दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आ चुका है। शिक्षा विभाग इस पूरे प्रकरण को लेकर बेहद गंभीर है।
यह घटना स्पष्ट करती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था की निगरानी प्रणाली में भारी चूक है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से और कितनी सख्त कार्रवाई करता है।
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