जयपुर, 20 जुलाई।
राजस्थान की आम जनता के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संवेदनशील विजन और आमजन के बीच इन शिविरों की भारी लोकप्रियता को देखते हुए राज्य सरकार ने शहरी एवं ग्रामीण सेवा शिविरों के संचालन की अवधि को 31 अगस्त 2026 तक बढ़ाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में आयोजित 'राज उन्नति' की सातवीं उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने इन शिविरों के आगामी क्रियान्वयन को लेकर यूडीएच (UDH) और स्वायत्त शासन विभाग (LSG) के अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। यह सभी फॉलोअप शिविर 21 जुलाई से पुनः शुरू हो जाएंगे, जिनमें पहले की तरह मिलने वाली सभी छूटें और रियायतें पूरी तरह प्रभावी रहेंगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बैठक में अधिकारियों और जिला कलेक्टर्स (District Collectors) को दोटूक लहजे में समयबद्ध काम करने के निर्देश दिए:
पेंडेंसी का त्वरित खात्मा: सभी विभागों में लंबित पड़े (Pending) मामलों को आपसी समन्वय (Coordination) स्थापित कर जल्द से जल्द निपटाया जाए।
जवाबदेही तय: यदि किसी वैध कार्य को शिविर में निस्तारित नहीं किया जाता है, तो संबंधित अधिकारी को उसका लिखित और स्पष्ट कारण बताना होगा।
रास्ते और अतिक्रमण पहली प्राथमिकता: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रास्तों के विवाद और अवैध अतिक्रमण से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत सुलझाया जाए।
फीडबैक मैकेनिज्म: शिविरों में लाभ पाने वाले सभी लाभार्थियों का विवरण मोबाइल नंबर सहित डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए, ताकि उनके अनुभवों और फील्ड अधिकारियों के सुझावों के आधार पर व्यवस्था को और सुगम बनाया जा सके।
प्रदेशभर में 12 जून से शुरू हुए इस महाअभियान के तहत अब तक 19 हजार से अधिक शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। एक ही छत के नीचे तमाम सरकारी विभागों की मौजूदगी से जनता के वर्षों पुराने अटके काम मिनटों में पूरे हुए हैं। अब तक के प्रमुख रिपोर्ट कार्ड पर एक नज़र:
भूमि व आवास राहत: 42 हजार से अधिक पट्टे (Patta) जारी किए गए और 13 हजार से अधिक संपत्तियों का नाम हस्तांतरण (Mutation) हुआ।
नागरिक सेवाएं: 1 लाख से अधिक जन्म, मृत्यु एवं विवाह पंजीकरण संपन्न।
कल्याणकारी योजनाएं: पालनहार योजना में 12 हजार से अधिक भौतिक सत्यापन और 18 हजार से अधिक पीएम स्वनिधि ऋण (PM Swanidhi Loan) के आवेदनों का निस्तारण।
इन्फ्रास्ट्रक्चर व सफाई: 41 हजार से अधिक नए घरेलू विद्युत कनेक्शन जारी, 22 हजार नई स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं तथा 67 हजार बंद लाइटों को सुधारा गया। इसके अलावा, 27 हजार कचरा संभावित ब्लैक-स्पॉट्स को पूरी तरह खत्म किया गया।
राजस्व मामलों का निपटारा: 1 लाख 97 हजार से अधिक नामांतरण (Intakal), 48 हजार से अधिक पत्थरगढ़ी/सीमाज्ञान और 27 हजार से अधिक आपसी सहमति से ज़मीनी विभाजन के मामले सुलझाए गए। 18 हजार से अधिक रास्तों के विवादों का स्थायी निस्तारण हुआ।
कृषि व प्रमाण पत्र: लाखों राजस्व रिकॉर्ड्स का शुद्धिकरण हुआ। डिजिटल इंडिया के तहत 2 लाख से अधिक किसानों का फार्मर रजिस्ट्री (Farmer Registry) में पंजीकरण किया गया।
महा-स्वास्थ्य जांच अभियान: 25 लाख से अधिक ग्रामीणों का मुफ्त स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया गया। 11 लाख लोगों की टीबी (TB) स्क्रीनिंग तथा साढ़े 4 लाख से अधिक महिलाओं की ओरल, ब्रेस्ट एवं सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग कर उन्हें गंभीर बीमारियों से बचाया गया।
पशु व फसल बीमा: मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत 3 लाख से अधिक तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 48 हजार से अधिक बीमा पॉलिसियों का मौके पर वितरण किया गया।
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि इन सेवा शिविरों की अवधि को 31 अगस्त तक बढ़ाना सरकार के 'सुशासन' (Good Governance) और 'अंत्योदय' के संकल्प को दर्शाता है। मानसून के इस सीजन में ग्रामीण इलाकों में कृषि और स्वास्थ्य से जुड़े इन शिविरों का दोबारा शुरू होना किसानों और वंचित वर्ग के लिए संजीवनी साबित होगा। 21 जुलाई से आम नागरिक अपने नजदीकी शिविर में जाकर जन आधार, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और राजस्व संबंधी समस्याओं का सीधे समाधान करवा सकेंगे।
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