चित्तौड़गढ़ के एक स्कूल में प्रिंसिपल और एक महिला शिक्षक का अश्लील वीडियो वायरल होने के मामले में राजस्थान सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया है।
क्या हुआ था?
कुछ दिन पहले स्कूल में प्रिंसिपल और एक महिला शिक्षक का अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में दोनों शिक्षक आपस में अश्लील हरकत करते हुए नजर आ रहे थे। इस घटना के बाद शिक्षा विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया था।
शिक्षा मंत्री का बयान
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि शिक्षा के मंदिर में इस तरह की घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को बच्चों के लिए रोल मॉडल होना चाहिए और उन्हें ऐसे कृत्यों से बचना चाहिए।
शिक्षक नेता अरविंद व्यास और शिक्षिका कांता पांडिया बर्खास्त
शिक्षा विभाग ने जांच के बाद पाया कि शिक्षक नेता अरविंद व्यास और शिक्षिका कांता पांडिया दोषी हैं। दोनों को अनुशासनहीनता और अनैतिक गतिविधियों में लिप्त होने के कारण सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
शिक्षा मंत्री का संदेश
शिक्षा मंत्री ने सभी शिक्षकों से अपील की है कि वे अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें और बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए काम करें। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और इस तरह के कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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