जयपुर, 6 मार्च: राजस्थान हाईकोर्ट ने पाकिस्तान से आए हिंदू डॉक्टर का नीट-पीजी डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश रद्द करने के मामले में महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। न्यायमूर्ति समीर जैन की एकलपीठ ने नेशनल मेडिकल कौंसिल (एनएमसी) को याचिकाकर्ता डॉ. शंकर कुमार के अभ्यावेदन को तय करने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने एनएमसी के सचिव को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ता को अपने सभी दस्तावेजों के साथ 12 मार्च को प्रतिवेदन देने का अवसर दिया जाए। इसके बाद सचिव और सक्षम अधिकारी को 20 मार्च को सुबह 11 बजे व्यक्तिगत रूप से सुनवाई करने और कानूनी प्रावधानों के अनुसार 7 दिन के भीतर प्रतिवेदन तय करने का आदेश दिया गया है।
याचिका में अधिवक्ता अंशुमान सिंह खंगारोत और अधिवक्ता आदित्य मिश्रा ने बताया कि याचिकाकर्ता हिंदू अल्पसंख्यक पाक नागरिक है। उसने लाहौर से एमबीबीएस किया है और गैर ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) श्रेणी में नीट-पीजी के लिए आवेदन किया था। परीक्षा में चयन होने के बाद महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिला और काउंसलिंग के लिए 5 लाख रुपए की फीस जमा करवाई गई।
याचिकाकर्ता को 12 से 15 फरवरी के बीच काउंसलिंग के लिए बुलाया गया था, जहां उसके सभी दस्तावेजों की जांच हुई। 17 फरवरी से कॉलेज ज्वाइन करने के लिए कहा गया, लेकिन 19 फरवरी को कॉलेज प्रशासन ने तीन अतिरिक्त दस्तावेज मांगे और उन्हें 24 घंटे में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर प्रवेश रद्द कर दिया गया, जिस पर याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
कोर्ट ने एनएमसी को याचिकाकर्ता का प्रतिवेदन सुनवाई के बाद तय करने और उचित निर्णय लेने के आदेश दिए हैं।
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