जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के इतिहास में आज एक नया और हैरान करने वाला पन्ना जुड़ गया है। शहर में पहली बार किसी बड़े अतिक्रमण हटाओ अभियान के कारण कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 24 घंटे की इंटरनेट बंदी (Netbandi) लागू की गई है।
जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) की ओर से जगतपुरा और मालवीय नगर क्षेत्र में सोमवार सुबह से अवैध निर्माणों और पुराने कब्जों को ध्वस्त करने के लिए बड़े पैमाने पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू की गई है। अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए प्रशासन ने जयपुर के 34 थाना क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है।
जयपुर में इंटरनेट बंद करने के पीछे का वास्तविक कारण पूरी तरह से धार्मिक संवेदनशीलता और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ा हुआ है।
80 फीट चौड़ा होना है नंदपुरी रोड: जेडीए की ओर से जगतपुरा इलाके में यातायात को सुगम बनाने के लिए 'नंदपुरी रोड' को 80 फीट चौड़ा करने का प्रोजेक्ट लंबे समय से लंबित था।
134 अवैध निर्माण रडार पर: इस सड़क सीमा के भीतर करीब 134 पक्के अवैध निर्माण आ रहे थे, जिन्हें हटाया जाना था।
5 धार्मिक संरचनाएं शामिल: सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि इन 134 अवैध निर्माणों में 5 ऐसी संरचनाएं भी शामिल थीं जो स्थानीय धार्मिक स्थलों और आस्था के केंद्रों से जुड़ी हुई थीं।
प्रशासन को खुफिया तंत्र से यह पक्की सूचना थी कि धार्मिक ढांचों को हटाने के दौरान कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया (व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स) पर भ्रामक या भड़काऊ वीडियो और तस्वीरें लाइव फॉरवर्ड करके सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ सकते हैं। इसी डिजिटल अफवाहबाजी को रोकने के लिए जयपुर पुलिस कमिश्नर की सिफारिश पर संभागीय आयुक्त सरवण कुमार ने मोबाइल इंटरनेट बंद करने के सख्त आदेश जारी किए।
यह प्रतिबंध 7 जून की रात 12 बजे से लेकर 8 जून की रात 12 बजे तक के लिए ही लागू है। इसके तहत जयपुर उत्तर और जयपुर पूर्व जिलों के कुल 34 पुलिस थाना क्षेत्रों में सभी टेलीकॉम कंपनियों की 2G, 3G, 4G और 5G मोबाइल इंटरनेट सेवाएं और बल्क SMS पूरी तरह बंद हैं।
परकोटा और उत्तर जिला: रामगंज, गलता गेट, माणक चौक, सुभाष चौक, आमेर, ब्रह्मपुरी, नाहरगढ़, कोतवाली, जालूपुरा, संजय सर्किल, शास्त्रीनगर, भट्टा बस्ती, विद्याधर नगर और जयसिंहपुरा खोर।
पूर्व और सांगानेर जिला: बस्सी, कानोता, तूंगा, आदर्श नगर, ट्रांसपोर्ट नगर, जवाहर नगर, जामडोली, एसएमएस अस्पताल, गांधी नगर, लालकोठी, मोतीडूंगरी, एयरपोर्ट जयपुर, मालवीय नगर, जवाहर सर्कल, बजाज नगर, खोह नागोरियान, सांगानेर, प्रताप नगर, रामनगरिया और मालपुरा गेट।
💡 ब्रॉडबैंड और वाई-फाई को राहत: आम जनता को बैंकिंग, वर्क फ्रॉम होम और जरूरी डिजिटल कामों में दिक्कत न हो, इसके लिए ब्रॉडबैंड और फिक्स्ड वाई-फाई (Wi-Fi) कनेक्शनों को पाबंदी से मुक्त रखा गया है। सामान्य वॉयस कॉलिंग भी सुचारू रूप से चालू है।
जेडीए की इस बुलडोजर कार्रवाई को किसी भी प्रकार के विरोध से बचाने के लिए जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने शहर में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (जो पूर्व में सीआरपीसी की धारा 144 थी) लागू कर दी है।
अब जयपुर में किसी भी सार्वजनिक स्थान पर 5 या उससे अधिक व्यक्तियों के एक साथ जमा होने पर पाबंदी है।
बिना अनुमति के धरना, प्रदर्शन या रैली निकालने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह पाबंदी 22 जून तक प्रभावी रहेगी।
3,000 सशस्त्र जवान तैनात: सोमवार सुबह जैसे ही जेडीए के बुलडोजर जगतपुरा पहुंचे, पूरा इलाका छावनी में बदल गया। मौके पर 3,000 से अधिक अतिरिक्त पुलिसकर्मी, महिला पुलिस बल, दंगा नियंत्रण वाहन (वज्र वाहन) और आरएसी (RAC) की विशेष टुकड़ियां तैनात की गई हैं।
अच्छी बात यह रही कि प्रशासन की समझाइश के बाद कई धार्मिक कमेटियों और स्थानीय लोगों ने कानून का सम्मान करते हुए रविवार से ही अपने स्तर पर अवैध छज्जे, सीढ़ियां और चबूतरे हटाने शुरू कर दिए थे।
जयपुर की इस हालिया कार्रवाई ने राजस्थान में बार-बार होने वाली इंटरनेट बंदी की बहस को दोबारा हवा दे दी है। आंकड़ों के अनुसार, देश में जम्मू-कश्मीर के बाद राजस्थान दूसरा ऐसा राज्य है जहां सबसे ज्यादा बार इंटरनेट बंद किया गया है। अकेले जयपुर शहर में अब तक अलग-अलग कारणों से 20 से अधिक बार इंटरनेट बंदी हो चुकी है।
| वर्ष/समय | मुख्य कारण | प्रभावित क्षेत्र/स्वरूप |
| दिसंबर 2025 | चौमूं कस्बे में धार्मिक स्थल के निर्माण को लेकर दो पक्षों में विवाद | चौमूं और आस-पास का क्षेत्र |
| फरवरी 2023 | REET मुख्य परीक्षा में पेपर लीक और हाईटेक नकल रोकने के लिए | जयपुर शहर में लगातार 3 दिनों तक |
| जून 2022 | उदयपुर के कन्हैयालाल हत्याकांड के बाद सांप्रदायिक तनाव रोकने के लिए | जयपुर सहित संपूर्ण राजस्थान |
| अक्टूबर 2021 | पटवारी सीधी भर्ती और RAS प्रारंभिक परीक्षा की शुचिता के लिए | जयपुर सहित कई संभागों में वीकेंड पर |
| नवंबर 2020 | कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के नेतृत्व में गुर्जर आरक्षण आंदोलन | जयपुर जिले की 9 ग्रामीण तहसीलें |
| दिसंबर 2019 | नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध प्रदर्शन के दौरान | जयपुर का परकोटा इलाका |
| अगस्त/सितंबर 2019 | गलता गेट और रामगंज इलाकों में आपसी विवाद के बाद उपजा तनाव | शहर के 10 से अधिक थाने |
| सितंबर 2017 | दिल्ली बाईपास पर पुलिस चेकिंग के बाद भड़की स्थानीय हिंसा | जयपुर के 14 थाना क्षेत्र |
#JaipurInternetBan #JaipurNews #JDAAction #NetbandiInJaipur #JagatpuraBulldozerAction #RajasthanNews #MalviyaNagarJaipur #LawAndOrder #NandpuriRoad #BNSS163
No comments yet. Be the first to comment!
Please Login to comment.
© G News Portal. All Rights Reserved.