कोटा। रविवार आधी रात को कोटा में एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। ओवर ब्रिज के पास स्थित इंजीनियरिंग ट्रेनिंग स्कूल के सामने रेलवे की पुरानी कॉलोनी में एक विशाल नीम का पेड़ अचानक गिर गया। यह घटना कर्मचारी आसाराम के आवास परिसर में हुई। पेड़ गिरने से आसाराम और उनके पड़ोसी असमुद्दीन के मकान के बरामदे में लगी सीमेंट की चादरें टूट गईं।
घटना के समय कर्मचारी असमुद्दीन के पैरालिसिस से ग्रस्त पिता बरामदे में सो रहे थे। गनीमत रही कि सीमेंट की चादरें गिरने के बावजूद असमुद्दीन के पिता को कोई चोट नहीं आई, अन्यथा एक बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं, आसाराम का परिवार घर के अंदर कमरे में सुरक्षित था। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यह पेड़ दिन के समय गिरता, तो और भी बड़ी दुर्घटना हो सकती थी, क्योंकि उस समय आवाजाही अधिक रहती है।
बताया गया कि यह नीम का पेड़ काफी पुराना था और उसकी जड़ें गल चुकी थीं। पेड़ के चारों ओर सीमेंट-कंक्रीट भी किया गया था, जिससे संभवतः उसे पर्याप्त पोषण नहीं मिल पा रहा था और वह कमजोर हो गया था।
पेड़ गिरने की सूचना रात में ही और फिर दिन में कई बार रेलवे अधिकारियों को दी गई। हालांकि, कर्मचारी सोमवार शाम को ही पेड़ हटाने के लिए मौके पर पहुंचे।
इसी कॉलोनी में एक और पेड़ भी गिरने की कगार पर है। यह पेड़ बीच में से टूट चुका है, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से अभी भी खड़ा है। तेज आंधी और बारिश की स्थिति में यह पेड़ भी कभी भी गिर सकता है, जिससे खतरा बना हुआ है। हालांकि, अधिकारियों ने इस पेड़ को भी जल्द ही हटाने का आश्वासन दिया है।
यह घटना रेलवे कॉलोनी में रहने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करती है और पुराने व जर्जर पेड़ों के समय पर रखरखाव और हटाने की आवश्यकता पर जोर देती है।
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