जल जीवन मिशन घोटाला: 3 दिन की रिमांड पर पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल, 960 करोड़ के भ्रष्टाचार का खुलेगा कच्चा चिट्ठा

जल जीवन मिशन घोटाला: 3 दिन की रिमांड पर पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल, 960 करोड़ के भ्रष्टाचार का खुलेगा कच्चा चिट्ठा

जयपुर | राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को बड़ी सफलता मिली है। 1988 बैच के पूर्व वरिष्ठ आईएएस और पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल को दिल्ली से गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को जयपुर की विशेष एसीबी कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने सुबोध अग्रवाल को 13 अप्रैल तक (3 दिन) की एसीबी रिमांड पर भेज दिया है।

भारी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेशी

शुक्रवार को जयपुर के मिनी सचिवालय स्थित कोर्ट में सुबोध अग्रवाल की पेशी के दौरान भारी गहमागहमी रही। एसीबी ने अदालत से उनकी 5 दिन की पुलिस अभिरक्षा (रिमांड) मांगी थी, लेकिन बहस के बाद कोर्ट ने 3 दिन की रिमांड मंजूर की। मीडिया के सवालों पर चुप्पी साधते हुए अग्रवाल ने बस इतना कहा, "मेरे वकील आपको सब बताएँगे।"

क्या है 960 करोड़ रुपये का यह महाघोटाला?

यह घोटाला केंद्र सरकार की 'हर घर नल' योजना में नियमों को ताक पर रखकर किया गया। जांच में निम्नलिखित मुख्य बिंदु सामने आए हैं:

  • फर्जी सर्टिफिकेट का सहारा: मैसर्स गणपति ट्यूबवैल और मैसर्स श्याम ट्यूबवैल जैसी फर्मों ने इरकॉन (IRCON) के फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाकर करोड़ों के टेंडर हथिया लिए।

  • अधिकारियों की चुप्पी: आरोप है कि सुबोध अग्रवाल के पास इन फर्जी कागजातों की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने कार्रवाई करने के बजाय फर्मों को लाभ पहुँचाना जारी रखा।

  • लापरवाही: 50 करोड़ से अधिक के टेंडरों में भौतिक निरीक्षण (Physical Inspection) अनिवार्य था, जिसे अधिकारियों ने ऑफिस में बैठकर ही निपटा दिया।

फरवरी से जारी था 'ऑपरेशन सुबोध'

सुबोध अग्रवाल इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे थे। एसीबी ने उनके खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया था। आखिरकार एसीबी डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह के नेतृत्व में टीम ने उन्हें दिल्ली से ट्रैक कर गिरफ्तार किया।

  • इस मामले में अब तक 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

  • 17 फरवरी को 15 ठिकानों पर हुई छापेमारी के दौरान 9 अधिकारियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था।

  • अभी भी 3 आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।

पावरफुल IAS का 'विवादित' रिटायरमेंट

सुबोध अग्रवाल राजस्थान के प्रशासनिक गलियारों के सबसे ताकतवर चेहरों में से एक रहे हैं। वे पिछले साल 31 दिसंबर 2025 को ही रिटायर हुए थे। रिटायरमेंट के मात्र 4 महीनों के भीतर भ्रष्टाचार के आरोप में उनकी गिरफ्तारी ने राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारियों के बीच खलबली मचा दी है।

अगला कदम: 13 अप्रैल को रिमांड खत्म होने के बाद उन्हें दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा। एसीबी को उम्मीद है कि इस पूछताछ के दौरान कई सफेदपोश नेताओं और रसूखदारों के नाम सामने आएंगे जिन्होंने इस घोटाले को संरक्षण दिया था।


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