करौली : जिला कलेक्टर नीलाभ सक्सेना ने गुरुवार को कोटा मामचारी के उपस्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, उन्हें 2023, 2024 और 2025 की अवधिपार दवाइयाँ मिलीं, जिससे उन्होंने नाराजगी जताई।
निरीक्षण का विवरण:
जिला कलेक्टर ने उपस्वास्थ्य केंद्र में कार्मिकों की उपस्थिति, ओपीडी, दवा भंडार और वितरण कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने साफ-सफाई, पेयजल, बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं और जांच उपकरणों की कार्यक्षमता का भी जायजा लिया।
कार्रवाई के निर्देश:
जिला कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को उपस्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और तीन दिनों के भीतर उन्हें रिपोर्ट करने का निर्देश दिया। उन्होंने सीएमएचओ को यह सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण करने का भी निर्देश दिया कि जिले के सभी पीएचसी, सीएचसी और अस्पतालों के दवा वितरण केंद्रों और भंडारण कक्षों में कोई भी अवधिपार दवाइयाँ, टीके, सिरिंज, कैनुला और जांच किट जैसे डिस्पोजेबल उपकरण न हों।
सीएमएचओ को चेतावनी:
जिला कलेक्टर ने सीएमएचओ को चेतावनी दी कि यदि उन्हें कहीं भी अवधिपार दवाइयाँ या डिस्पोजेबल उपकरण मिलते हैं, तो वे जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करें और रिपोर्ट जिला मुख्यालय को भेजें।
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