कोटा। रेलवे कॉलोनी में बन रहे जेसी बैंक के नए भवन के निर्माण और उसके भुगतान की प्रक्रिया को लेकर रेलवे हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। आरोप है कि भवन का निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है, लेकिन ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया। इस मामले के सामने आने के बाद बैंक के ब्रांच मैनेजर अविनाश अभ्यंकर का कोटा से रतलाम तबादला कर दिया गया है।
बैंक कर्मचारियों के अनुसार, निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही ठेकेदार को भुगतान करने का मामला जेसी बैंक बोर्ड के डायरेक्टर्स की मीटिंग में उठा था। कोटा के ही डायरेक्टर्स ने इस प्रक्रिया पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बाद:
ब्रांच मैनेजर अविनाश अभ्यंकर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
नोटिस के बाद उनका स्थानांतरण कोटा से रतलाम कर दिया गया।
गौरतलब है कि अविनाश पिछले 15 वर्षों से यहां शाखा प्रबंधक थे और उनके रिटायरमेंट में मात्र 5 महीने शेष हैं। उनकी जगह बड़ौदा के ब्रांच मैनेजर को नियुक्त किया गया है।
एक तरफ जहां अनियमितता के आरोप लग रहे हैं, वहीं बैंक के डायरेक्टर इन दावों को खारिज कर रहे हैं। उनका कहना है कि भुगतान और ट्रांसफर की प्रक्रिया सामान्य है।
डायरेक्टर चेतराम मीणा: "ठेकेदार को अभी केवल 70% भुगतान किया गया है, जबकि काम लगभग पूरा हो चुका है। मैनेजर का ट्रांसफर इस विवाद के कारण नहीं हुआ है।"
डायरेक्टर देवनारायण गुर्जर: "टेंडर दस्तावेजों में ठेकेदार को एडवांस देने का प्रावधान है। बैंक का 90% से अधिक काम पूरा हो चुका है। ब्रांच मैनेजर का तबादला उनकी 'नेम नोटिंग' (स्वैच्छिक आवेदन) के आधार पर हुआ है।"
इस पूरे घटनाक्रम पर स्पष्टीकरण के लिए जब ब्रांच मैनेजर अविनाश अभ्यंकर से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनका मोबाइल फोन लगातार स्विच ऑफ मिला, जिससे उनका पक्ष सामने नहीं आ सका।
भवन निर्माण की गुणवत्ता और भुगतान की शर्तों को लेकर कर्मचारियों और बोर्ड के बीच यह खींचतान आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है।
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