कोटा | 06 जनवरी, 2026 कोटा रेल मंडल में पदोन्नति की प्रक्रिया को लेकर विवाद गहरा गया है। ऑल इंडिया एससी-एसटी रेलवे एम्प्लाइज एसोसिएशन ने प्रशासन पर आरक्षण नियमों के उल्लंघन और जानबूझकर अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया है। एसोसिएशन ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नियमों में सुधार कर पात्र कर्मचारियों को हक नहीं मिला, तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
एसोसिएशन के कोटा मंडल सचिव अभय सिंह मीणा ने बताया कि लेवल-8 (मुख्य कार्यालय अधीक्षक) के पदों पर पदोन्नति के दौरान आरक्षण नियमों को ताक पर रख दिया गया। उनके अनुसार, नियमों के तहत एससी (SC) के दो और एसटी (ST) का एक बैकलॉग पद वरिष्ठता क्रम से भरा जाना अनिवार्य था। लेकिन प्रशासन ने कथित तौर पर इन पदों पर सामान्य वर्ग के कर्मचारियों को पदोन्नति दे दी।
एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि यह चूक कोई पहली बार नहीं हुई है, बल्कि पिछले तीन वर्षों से लगातार की जा रही है:
31 जनवरी 2023 का पैनल
27 दिसंबर 2023 का पैनल
24 नवंबर 2025 का पैनल
इन तीनों ही सूचियों में आरक्षित वर्ग के पदों के साथ खिलवाड़ किया गया, जिससे कर्मचारियों को वित्तीय और पदोन्नति लाभ से वंचित होना पड़ रहा है।
अभय सिंह मीणा ने खुलासा किया कि आपत्ति दर्ज कराने के बाद रेलवे के संपर्क अधिकारी ने जांच में स्वीकार किया था कि पदोन्नति प्रक्रिया में चूक हुई है। अधिकारी ने पुरानी सूची निरस्त कर नई सूची जारी करने के निर्देश भी दिए थे। लेकिन आरोप है कि 2 जनवरी 2026 को जारी की गई नई पात्रता सूची में भी बैकलॉग पदों को शामिल नहीं किया गया।
कर्मचारियों में इस बात को लेकर भी भारी गुस्सा है कि इस नई सूची को आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप “ई-डाक” पर साझा नहीं किया गया, जबकि अन्य सभी सूचनाएं इसी प्लेटफॉर्म पर दी जाती हैं। एसोसिएशन ने इसे प्रशासनिक पारदर्शिता की कमी और जानबूझकर की गई साजिश करार दिया है।
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