कोटा। मंडल रेल प्रबंधक (DRM) अनिल कालरा ने गुरुवार को कोटा स्थित रेलवे चिकित्सालय में नवीनीकृत नेचुरोपैथी (प्राकृतिक चिकित्सा) केंद्र का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने गौरव के साथ घोषणा की कि कोटा मंडल रेलवे अस्पताल संभवतः देश का पहला ऐसा अस्पताल बन गया है, जहाँ एक ही छत के नीचे इलाज की पाँचों प्रमुख पद्धतियाँ उपलब्ध हैं।
डीआरएम कालरा ने बताया कि यहाँ आने वाले मरीज अब अपनी सुविधा और आवश्यकता के अनुसार उपचार की पद्धति का चुनाव कर सकते हैं। अस्पताल में निम्नलिखित पाँच सुविधाएँ एक साथ मौजूद हैं:
एलोपैथी (आधुनिक चिकित्सा)
आयुर्वेद
होम्योपैथी
योग
प्राकृतिक चिकित्सा (नेचुरोपैथी)
पिछले वर्ष मार्च में कर्मचारी हित निधि समिति द्वारा शुरू किए गए इस केंद्र का अब कायाकल्प कर दिया गया है। पहले जो सुविधा एक कमरे और सीमित समय के लिए थी, अब वह एक भव्य हॉल, आधुनिक उपकरणों और मरीजों के लिए समर्पित वार्ड के साथ उपलब्ध है। मरीजों को प्राकृतिक माहौल देने के लिए यहाँ 'विश्रांति उपवन' (गार्डन) भी विकसित किया गया है, जहाँ डीआरएम ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. चंद्रजीत शर्मा इस केंद्र में प्रतिदिन सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक अपनी सेवाएँ देंगे। यहाँ पंचतत्वों (आहार, जल, सूर्य, वायु, मिट्टी) के साथ-साथ योग और ध्यान के माध्यम से निम्नलिखित समस्याओं का उपचार किया जाएगा:
मधुमेह (Diabetes) और उच्च रक्तचाप (BP)
मोटापा और मानसिक तनाव
अनिद्रा और अन्य जीवनशैली से जुड़ी बीमारियाँ
इस अवसर पर कर्मचारी हित निधि समिति के सदस्य मुजाहत अली खान, पी.के. गर्ग सहित रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह विस्तार न केवल रेल कर्मचारियों बल्कि उनके परिवारों के लिए भी स्वास्थ्य का एक बड़ा उपहार साबित होगा।
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