कोटा। कोटा मंडल रेलवे में मंडल मुखिया (संभवतः मंडल रेल प्रबंधक/डीआरएम) की कथित अति सक्रियता अब उन पर भारी पड़ती दिख रही है। सूत्रों के अनुसार, उनकी लगभग रोजाना की असमय और देर रात तक चलने वाली बैठकों के साथ-साथ लगातार निरीक्षणों को लेकर मुख्यालय तक शिकायत पहुँच गई है। इस शिकायत के बाद मंडल मुखिया की बैठकों की संख्या में कमी देखी जा रही है। बताया जा रहा है कि यह शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों की एसोसिएशन द्वारा की गई थी।
हालांकि, ये बैठकें और निरीक्षण व्यवस्था में ठोस सुधार लाने के उद्देश्य से किए जा रहे थे, लेकिन कुछ अधिकारियों को यह पसंद नहीं आ रहा। इन अधिकारियों का तर्क है कि असमय और देर रात तक बैठकों की अधिकता के कारण उनका पारिवारिक और सामाजिक संतुलन बिगड़ रहा है।
शिकायत का असर मंडल मुखिया के निरीक्षणों पर भी स्पष्ट दिख रहा है। आजकल उनके निरीक्षण के दौरान अधिकारी उनके साथ कम ही नजर आते हैं। देर शाम या रात को लगभग प्रतिदिन होने वाला स्टेशन का निरीक्षण भी अब लगभग बंद हो गया है। पहले इन निरीक्षणों के चलते कर्मचारियों को अपनी ड्यूटी खत्म होने के बाद भी देर तक स्टेशन पर रुकना पड़ता था, जिससे वे लगभग रोजाना देर रात घर पहुँचते थे और इसका असर उनके काम पर भी दिख रहा था।
एक ओर जहाँ मंडल मुखिया की अति सक्रियता के चलते वर्षों से अटके कई काम तेजी से पूरे हो रहे हैं और व्यवस्थाओं में पहले से काफी सुधार नजर आने लगा है, वहीं दूसरी ओर पिछले दो साल से आराम तलब रहे कुछ अधिकारियों को यह सब रास नहीं आ रहा है।
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