कोटा। कोटा रेल मंडल में लोको निरीक्षक (LI) के पदों पर भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर अधर में लटक गई है। पिछले एक साल में यह तीसरा अवसर है जब एलआई की परीक्षा को स्थगित किया गया है। 2 फरवरी से शुरू होकर 17 फरवरी तक चलने वाली इस परीक्षा के टलने से सैकड़ों लोको पायलटों में निराशा है।
यह परीक्षा मुख्य रूप से एलआई के 18 पदों के लिए आयोजित की जानी थी, जिसके बाद 11 अन्य पदों के लिए भी प्रक्रिया होनी थी। प्रतिदिन लगभग 30 लोको पायलटों को इस परीक्षा में शामिल होना था।
मंडल में वर्तमान स्थिति:
कोटा मंडल में एलआई के 25 से अधिक पद स्वीकृत हैं, जिनमें से अधिकांश खाली चल रहे हैं।
इस वर्ष 7 और एलआई रिटायर होने वाले हैं, जिससे संकट और गहरा जाएगा।
पदों की कमी के कारण रेलवे ने 5 रिटायर्ड एलआई को दोबारा संविदा पर रखा है, लेकिन नाइट अलाउंस न मिलने के कारण वे रात में ड्यूटी नहीं कर रहे हैं।
अस्थायी समाधान के रूप में सीनियर लोको पायलटों को एलआई की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रेलवे संचालन में लोको निरीक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
क्यों जरूरी है LI? एक एलआई के अधीन लगभग 50 सहायक और मुख्य लोको पायलट होते हैं। रेल दुर्घटनाओं को रोकने और सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित करने के लिए एलआई समय-समय पर पायलटों की काउंसलिंग करते हैं। पदों के खाली होने से यह मॉनिटरिंग प्रभावित हो रही है।
परीक्षा के बार-बार स्थगित होने के पीछे पिछले विवादों को भी जोड़कर देखा जा रहा है। पूर्व में हुई एक एलआई परीक्षा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है, जिसमें अधिकारियों की मिलीभगत से 'आंसर शीट' बदलने के आरोप लगे थे। यह मामला लोकपाल से होते हुए अब सीबीआई (CBI) के पास है, जिसमें कई बड़े अधिकारियों के नाम शामिल हैं।
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