कोटा | कोटा रेल मंडल में इन दिनों नियमों और अनुशासन की धज्जियां उड़ती नजर आ रही हैं। एक ओर जहां आम कर्मचारियों पर अनुशासन का डंडा चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर रसूखदार यूनियन नेताओं के सामने उच्च अधिकारी भी बेबस नजर आ रहे हैं। ताजा मामला 'इंजरी ऑन ड्यूटी' (IOD) पर चल रहे मजदूर संघ नेता चेतन शर्मा का है, जो नियमों को ताक पर रखकर लगातार प्रशासनिक गतिविधियों में दखल दे रहे हैं।
नियमों के मुताबिक, यदि कोई कर्मचारी ड्यूटी के दौरान घायल होने (IOD) के कारण अवकाश पर है, तो उसे पूर्ण विश्राम करना चाहिए। लेकिन पिछले 5 महीनों से IOD का लाभ ले रहे चेतन शर्मा लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। वे न केवल रेलवे मजदूर संघ कार्यालय में नेतागिरी कर रहे हैं, बल्कि बैंक चुनाव के बूथों से लेकर वोटों की गिनती के समय अधिकारियों से उलझते तक देखे गए। हद तो तब हो गई जब वे हाल ही में मंडल रेल प्रबंधक (DRM) अनिल कालरा के साथ बैठक करते नजर आए।
रेलवे प्रशासन का दोहरा रवैया अब कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ 26 लोको पायलट और 2 लोको निरीक्षकों को छोटी-छोटी अनुपस्थितियों के लिए चार्जशीट थमा दी गई है, वहीं दूसरी ओर IOD पर रहकर सार्वजनिक कार्यक्रमों और बैठकों में भाग लेने वाले नेता पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। आम रेलकर्मियों का कहना है कि प्रशासन के पास नेताओं के लिए अलग और निष्ठावान कर्मचारियों के लिए अलग कानून है।
इस गंभीर मामले पर जब उच्च अधिकारियों से पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो सन्नाटा पसर गया। महाप्रबंधक, डीआरएम अनिल कालरा, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी अविरल शर्मा और मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हर्षित श्रीवास्तव समेत किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने फोन या संदेश का जवाब देना उचित नहीं समझा। अधिकारियों की यह चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
"जब रक्षक ही भक्षक बन जाए या रसूख के आगे नतमस्तक हो जाए, तो आम कर्मचारियों का व्यवस्था से भरोसा उठना लाजमी है।"
हैशटैग: #KotaRailway #DRMKota #WCR #RailwayUnion #LabourUnion #RailwayRules #DoubleStandards #IndianRailways #AdministrativeApathy #ChetanSharmaCase
No comments yet. Be the first to comment!
Please Login to comment.
© G News Portal. All Rights Reserved.