कोटा | इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों की समस्याओं और प्रशासन की कथित उदासीनता के खिलाफ वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ ने गुरुवार को मोर्चा खोल दिया। कोटा मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कार्यालय के बाहर आयोजित एक दिवसीय विशाल धरना प्रदर्शन में संघ के पदाधिकारियों ने रेल प्रशासन की नीतियों पर जमकर प्रहार किया।
धरने को संबोधित करते हुए संघ के पदाधिकारियों ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पूरे कोटा मंडल में फील्ड के सैकड़ों कर्मचारी फील्ड ड्यूटी के बजाय विभिन्न ऑफिसों में जमे हुए हैं।
बेगारी का आरोप: पदाधिकारियों ने दहाड़ते हुए कहा कि कई अधिकारी कर्मचारियों से अपने निजी कार्य (बेगारी) करवा रहे हैं।
बढ़ता कार्यभार: इसका सीधा बोझ उन फील्ड कर्मचारियों पर पड़ रहा है जो रेल पटरियों और संरक्षा के काम में जुटे हैं। उन्हें निर्धारित समय से अधिक काम करना पड़ रहा है।
रेल संरक्षा को खतरा: संघ ने चेतावनी दी कि अत्यधिक तनाव और कार्यभार के कारण कर्मचारियों का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है, जिससे रेल दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है।
प्रदर्शन के बाद संघ के प्रतिनिधिमंडल ने डीआरएम अनिल कालरा को अपनी 30 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
ऑफिसों में बैठे फील्ड कर्मचारियों को वापस मूल पदों पर भेजना।
समय पर पदोन्नति (Promotion) सुनिश्चित करना।
MACP का लाभ समय पर देना ताकि आर्थिक नुकसान न हो।
कीमैन (Keyman) की कमी को दूर करना (वर्तमान में डबल की जगह एक ही कीमेन से काम लिया जा रहा है)।
डीआरएम अनिल कालरा ने संघ को आश्वस्त किया है कि एक महीने के भीतर सभी जायज मांगों का निराकरण कर दिया जाएगा।
मंडल अध्यक्ष महेंद्र सिंह खींची ने आक्रोश जताते हुए कहा कि इससे पहले 25 मार्च को भी सहायक मंडल इंजीनियरिंग कार्यालयों पर प्रदर्शन किया गया था, लेकिन प्रशासन ने 15 दिन बाद भी कोई कदम नहीं उठाया। सचिव अब्दुल खालिक ने भी आर्थिक नुकसान और वरीयता की हानि पर चिंता जताई।
धरने को डीके शर्मा, अनिल सैनी, रविन्द्र शर्मा और हंसराम गुर्जर जैसे दिग्गज पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया और कर्मचारियों से एकजुट रहने का आह्वान किया।
#WCRMS #RailwayUnion #KotaDRM #RailwayNews #LabourRights #RailwaySafety #Protest #RailwayEmployees #BreakingNewsKota
No comments yet. Be the first to comment!
Please Login to comment.
© G News Portal. All Rights Reserved.