कोटा। मानसून से पहले पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुई पहली ही जोरदार बारिश ने कोटा रेलवे के बुनियादी ढांचे की पोल खोल दी। स्टेशन परिसर, रेल पटरियां, सर्कुलेटिंग एरिया, डीआरएम कार्यालय, अधिकारी कॉलोनी और पार्किंग स्थल - हर जगह पानी भर गया, जिससे भारी अव्यवस्था फैल गई।
रेल संचालन प्रभावित, पॉइंट फेल बारिश के कारण प्लेटफॉर्म के पास पटरियों पर पानी भरने से कई पॉइंट (ट्रैक बदलने वाले उपकरण) फेल हो गए। इसके परिणामस्वरूप काफी देर तक रेल संचालन प्रभावित रहा, जिससे ट्रेनों की आवाजाही में देरी हुई। पानी कम होने के बाद ही पॉइंट को ठीक कर संचालन सामान्य किया जा सका।
कार्यालयों में घुसा पानी, कंप्यूटर हुए बंद प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त टिन शेड न होने के कारण स्टेशन डायरेक्टर और स्टेशन मास्टर के कमरों में भी पानी भर गया, जिससे कर्मचारियों को कामकाज में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सर्कुलेटिंग एरिया, ऑटो स्टैंड और आरक्षण कार्यालय के सामने की पार्किंग भी पूरी तरह से जलमग्न हो गई।
सबसे चिंताजनक बात यह रही कि कुछ साल पहले ही नवीनीकरण किए गए डीआरएम ऑफिस के कंट्रोल रूम में भी बड़ी मात्रा में पानी भर गया। इसके अलावा, बिजली जाने पर कई कार्यालयों के कंप्यूटर भी बंद हो गए, जिससे काम बाधित हुआ। कर्मचारियों ने बताया कि बैटरी कनेक्शन न होने के कारण ऐसा हुआ, जबकि पहले लाइट जाने पर भी कंप्यूटर बंद नहीं होते थे।
अधिकारी कॉलोनी और बजरिया भी प्रभावित बारिश का असर केवल रेलवे परिसर तक सीमित नहीं रहा। अधिकारी कॉलोनी और कई बंगलों में भी पानी भर गया, जिससे वहां रहने वाले लोगों को खासी परेशानी हुई। वहीं, लगभग एक घंटे तक हुई इस तेज बारिश से बजरिया की सड़कों पर भी घुटनों तक पानी भर गया, और कई दुकानों में पानी घुसने से फर्नीचर और सामान खराब हो गया। इस स्थिति ने शहर में जल निकासी व्यवस्था की खामियों को भी उजागर किया है।
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