कोटपूतली: राजस्थान के कोटपूतली में 700 फीट गहरे बोरवेल में फंसी 3 साल की मासूम चेतना को बचाने के लिए चलाया जा रहा रेस्क्यू ऑपरेशन 150 घंटे से अधिक समय से जारी है, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिल पाई है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और प्रशासन की संयुक्त टीम दिन-रात एक कर रही है, लेकिन सुरंग खोदने में आ रही दिक्कतों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन धीमा चल रहा है।
सुरंग खोदने में आ रही दिक्कतें
सुरंग खोदने के दौरान पत्थर आने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा उत्पन्न हो रही है। प्रशासन का कहना है कि शाम तक रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा करने की कोशिश की जाएगी।
परिजनों का दर्द
चेतना की मां और परिवार के अन्य सदस्य लगातार रो रहे हैं और प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगा रहे हैं। वे चाहते हैं कि उनकी बेटी को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जाए।
राजनेताओं का दौरा
देर शाम पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा, जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह और कोटपूतली विधायक हंसराज पटेल मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को जल्द से जल्द रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा करने के निर्देश दिए।
देश की दुआएं
पूरा देश 3 साल की मासूम चेतना की सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना कर रहा है। सोशल मीडिया पर #SaveChetna ट्रेंड कर रहा है।
क्या कहा प्रशासन ने?
प्रशासन का कहना है कि वे हर संभव प्रयास कर रहे हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी टीम दिन-रात एक कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही चेतना को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा।
यह हादसा क्यों हुआ?
चेतना 23 दिसंबर को अपने घर के पास खेलते समय खुले बोरवेल में गिर गई थी। तब से उसे बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
यह हादसा क्यों इतना गंभीर है?
यह हादसा इसलिए गंभीर है क्योंकि बोरवेल बहुत गहरा है और चेतना बहुत छोटी है। उसे बचाने के लिए विशेषज्ञों की टीम को लगाया गया है।
इस हादसे से क्या सबक मिलता है?
इस हादसे से हमें यह सबक मिलता है कि हमें खुले बोरवेल को ढककर रखना चाहिए ताकि कोई भी बच्चा इसमें गिर न जाए।
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