कोटपूतली: कोटपूतली के कीरतपुरा गांव में 3 साल की मासूम चेतना को बोरवेल से सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है. सातवें दिन भी चेतना को बाहर नहीं निकाला जा सका है. NDRF के जवान लगातार मैन्युअल टनल बनाने में लगे हुए हैं, लेकिन कठोर पत्थर होने के कारण काम में बाधा आ रही है. फिलहाल टनल का काम करीब 60% पूरा हुआ है.
सभी प्रयास फेल
रविवार से शुरू हुआ यह रेस्क्यू ऑपरेशन अब तक सफल नहीं हो सका है. प्रशासन और NDRF-SDRF की टीमें बच्ची तक पहुंचने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं, लेकिन अभी तक के सारे प्लान फेल साबित हुए हैं. इधर, मासूम के पिता का रो-रो कर बुरा हाल है.
सबसे अधिक संसाधन का उपयोग
इस हादसे के रेस्क्यू ऑपरेशन में सबसे अधिक संसाधन उपयोग किए गए हैं. जिसमें 3 जेसीबी मशीन, दो पाइलिंग मशीन, 2 क्रेन, 10 ट्रैक्टर सहित आदि मशीनरी का उपयोग किया जा चुका है, लेकिन अभी तक भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. जानकारी के अनुसार NDRF और प्रशासन के हाथ खाली हैं और किसी के पास इस बात का जवाब नहीं है कि कब तक यह ऑपरेशन कंप्लीट कर लिया जाएगा.
प्लान A फेल, प्लान B भी नाकाम
चेतना को बोरवेल से बाहर निकालने के लिए प्लान A फेल होने के बाद प्लान B को उपयोग में लाया गया, लेकिन अभी तक उससे भी कोई परिणाम नहीं निकला है. वहीं, शुक्रवार दोपहर बाद बारिश आने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया था.
सवाल उठ रहे हैं
घटनास्थल पर 7 दिन से जारी रेस्क्यू ऑपरेशन सफल नहीं होने की वजह से अब रेस्क्यू टीम और प्रशासन की प्लानिंग पर सवाल उठने लगे हैं. अगर परफेक्ट प्लानिंग के तहत काम किया गया होता तो शायद अब तक ये रेस्क्यू ऑपरेशन कामयाब हो चुका होता.
मौके पर मौजूद अधिकारी
सांसद राव राजेंद्र सिंह भी मौके पर मौजूद हैं. जिन्होंने NDRF के अधिकारियों से फीडबैक लिया है. SDM बृजेश चौधरी, ASP वैभव शर्मा, DYSP राजेंद्र बुरडक, नगर परिषद आयुक्त धर्मपाल जाट सहित प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद है.
निष्कर्ष
कोटपूतली में 3 साल की मासूम चेतना को बोरवेल से सुरक्षित निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है. सातवें दिन भी चेतना को बाहर नहीं निकाला जा सका है. प्रशासन और NDRF की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है.
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