कोटा। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के माहौल में देशभक्ति की भावना चरम पर है। जान की परवाह किए बगैर, आम नागरिकों के साथ-साथ अब रेलकर्मी भी देश की रक्षा के लिए सीमा पर जाने को आतुर दिखाई दे रहे हैं। कोटा रेल मंडल में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां कर्मचारियों ने सरकार से युद्ध में शामिल होने की अनुमति मांगी है।
मुख्य टिकट निरीक्षक (स्लीपर) विक्रम सिंह मीणा ने सीनियर डीसीएम को एक पत्र लिखकर पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध लड़ने की इच्छा जताई है। अपने पत्र में, विक्रम ने उल्लेख किया है कि वह पूर्व में सीआईएसएफ में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत थे, जहां उन्होंने 52 सप्ताह का बुनियादी प्रशिक्षण और 30 दिन का कमांडो प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है। विक्रम ने स्पष्ट रूप से लिखा है कि युद्ध के दौरान यदि उनकी जान जाती है, तो इसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार होंगे और रेलवे की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।
इसी तरह, कोटा स्टेशन पर मैकेनिकल विभाग में हेल्पर के पद पर कार्यरत संजय कुमार मीणा ने भी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने की अनुमति मांगी है। संजय का कहना है कि उन्होंने भी सीआईएसएफ में प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
एक अन्य मामला कासगंज के गार्ड राम गोपाल मीणा का है, जिन्होंने भी सीमा पर जाकर देश की रक्षा करने की अनुमति मांगी है। इन कर्मचारियों द्वारा अपने वरिष्ठ अधिकारियों को लिखे गए अनुमति पत्र सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से तेजी से वायरल हो रहे हैं।
इन रेलकर्मियों के जज्बे को उनके साथी कर्मचारी और अन्य लोग दिल से सलाम कर रहे हैं। उनकी देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को हर कोई सराह रहा है। यह घटनाएं दर्शाती हैं कि देश के लिए कुछ भी कर गुजरने का जज्बा आज भी लोगों के दिलों में जीवित है।
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