कोटा। रेलवे में चलाए जा रहे संरक्षा अभियान के तहत मंगलवार को कोटा गार्ड-ड्राइवर लॉबी में एल्कोहॉलिक डी-एडिक्शन पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें 40 से अधिक लोकों पायलटों को शराब नहीं पीने की नसीहत दी गई।
संगोष्ठी में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर सुपर्णा सेन रॉय और कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मनोचिकित्सक डॉक्टर अनुज खंडेलवाल ने कहा कि शौक-शौक में नशा कब उनकी आदत बन जाता है और आदत कब बीमारी बन जाती है, इसका पता ही नहीं चलता। इसलिए लोगों को शौक में भी नशा नहीं करना चाहिए। खंडेलवाल ने कहा कि जब नशा बीमारी बन जाता है तो आदमी नशा करने के सौ बहाने निकाल लेता है। अतः नशे से हर हाल में बचना चाहिए।
24 घंटे तैयार संस्था
संगोष्ठी में एल्कोहॉलिक एनॉनिमस एनजीओ के उमेश जैन ने बताया कि हमारी संस्था हर समय नशामुक्ति की काउंसलिंग के लिए 24 घंटे तैयार है। एक फोन पर ही हम कहीं भी काउंसलिंग के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
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