कोटा: अब रेल यात्रियों के खोए हुए मोबाइल फोन को ढूंढने में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) भी मदद करेगी। इसके लिए आरपीएफ दूरसंचार विभाग के सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (सीईआईआर) पोर्टल का उपयोग करेगी। रेलवे ने यह पहल नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (एनएफआर) में एक सफल पायलट प्रोग्राम के बाद शुरू की है।
शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया:
- यात्री अपने खोए हुए मोबाइल की सूचना रेल मदद हेल्पलाइन या 139 नंबर पर दे सकते हैं।
- एफआईआर दर्ज न कराने वाले यात्री सीईआईआर पोर्टल (ceir.gov.in) पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
आरपीएफ की कार्रवाई:
- शिकायत दर्ज होने के बाद, आरपीएफ की जोनल साइबर सेल शिकायत को सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज करेगी और डिवाइस को ब्लॉक कर देगी।
- यदि खोया हुआ फोन नई सिम के साथ पाया जाता है, तो डिवाइस के उपयोगकर्ता को उसे निकटतम आरपीएफ पोस्ट पर लौटाने की सलाह दी जाएगी।
- असली उपयोगकर्ता आवश्यक दस्तावेज दिखाकर अपना फोन वापस पा सकता है।
अनुपालन न करने पर:
- यदि कोई व्यक्ति खोया हुआ फोन लौटाने में सहयोग नहीं करता है, तो आरपीएफ एफआईआर दर्ज कर सकती है और मामला जिला पुलिस को भेजा जा सकता है।
फोन को अनब्लॉक करना:
- फोन की बरामदगी के बाद, शिकायतकर्ता सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से फोन को अनब्लॉक करने का अनुरोध कर सकता है।
ऑपरेशन अमानत:
- आरपीएफ पहले से ही खोए हुए सामान की तलाश के लिए "ऑपरेशन अमानत" चला रही है।
- इस ऑपरेशन के तहत, जनवरी 2024 से फरवरी 2025 के बीच आरपीएफ ने 84.03 करोड़ रुपये मूल्य की खोई या छूटी हुई वस्तुओं को बरामद कर 1.15 लाख से अधिक यात्रियों को वापस किया है।
मुख्य बातें:
- आरपीएफ अब खोए हुए रेल यात्रियों के मोबाइल फोन को तलाशेगी।
- सीईआईआर पोर्टल की मदद ली जाएगी।
- यात्री रेल मदद या 139 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- "ऑपरेशन अमानत" के तहत पहले भी करोड़ों का सामान बरामद किया गया है।
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