जयपुर, 8 जनवरी। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के 78वें स्थापना दिवस के अवसर पर बुधवार को जयपुर के एक निजी होटल में 'मानक महोत्सव' का आयोजन किया गया। इस अवसर पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री श्री सुमित गोदारा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने कहा कि बीआईएस ने अपनी स्थापना वर्ष 1947 से गुणवत्ता, सुरक्षा और मानकीकरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
श्री गोदारा ने कहा, "आईएसआई मार्क, हॉलमार्क और रजिस्ट्रेशन मार्क उपभोक्ताओं के बीच गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रगति के प्रतीक बन गए हैं।" उन्होंने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे बीआईएस के सहयोग से नवाचार करें और उन क्षेत्रों में भी मानकीकरण को बढ़ावा दें, जो अब तक इस प्रक्रिया से अछूते हैं।
मानकीकरण से राष्ट्रीय प्रगति
बीआईएस राजस्थान की निदेशक श्रीमती कनिका कालिया ने कहा कि वृहद और मध्यम उद्योगों के सहयोग से मानकीकरण को बढ़ावा देकर भारत की गुणवत्ता को वैश्विक स्तर तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा, "यह प्रयास प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सहायक होगा।"
श्रीमती कालिया ने बताया कि बीआईएस राजस्थान के क्षेत्राधिकार में वर्तमान में 2700 से अधिक उत्पाद प्रमाणन लाइसेंस सक्रिय हैं। उन्होंने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने उद्योगों को मानकीकरण की ओर प्रेरित करें ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित, विश्वसनीय और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद और सेवाएं मिल सकें।
विशिष्ट अतिथियों ने साझा किए विचार
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पद्मश्री डॉ. माया टंडन (अध्यक्ष, सहायता एनजीओ) और जलसंरक्षणवादी पद्मश्री लक्ष्मण सिंह ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने गुणवत्ता और मानकीकरण के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उद्योग जगत को मिला सम्मान
इस अवसर पर मानकीकरण और गुणवत्ता संवर्धन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले उद्योगों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में वृहद एवं मध्यम उद्योगों के 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
उद्योगों से नवाचार की अपील
श्री गोदारा ने कहा कि उत्पादों के मानकीकरण में वृहद और मध्यम उद्योगों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने इन उद्योगों से आग्रह किया कि वे बीआईएस के साथ मिलकर काम करें और अधिक क्षेत्रों में मानकीकृत उत्पाद एवं सेवाएं प्रदान करें।
इस आयोजन ने न केवल मानकीकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाई बल्कि उद्योग और उपभोक्ता के बीच एक मजबूत संवाद स्थापित करने का प्रयास किया।