कोटा रेलवे वर्कशॉप में नियमों को ताक पर रख 'मेहरबानी': टाइपिंग में 3 बार फेल महिला को चौथा मौका देने की तैयारी, शिकायत के बाद परीक्षा रद्द

कोटा रेलवे वर्कशॉप में नियमों को ताक पर रख 'मेहरबानी': टाइपिंग में 3 बार फेल महिला को चौथा मौका देने की तैयारी, शिकायत के बाद परीक्षा रद्द

 

कोटा। कोटा रेलवे माल डिब्बा मरम्मत कारखाना (वर्कशॉप) में पदोन्नति और अनुकंपा नियुक्तियों में गंभीर अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। अधिकारियों द्वारा एक महिला कर्मचारी को अनुचित लाभ पहुँचाने के लिए नियमों को ताक पर रखने की कोशिश की गई, लेकिन सतर्कता विभाग (Vigilance) तक मामला पहुँचते ही प्रशासन को पीछे हटना पड़ा।

मामला 1: नियमों के विरुद्ध चौथा टाइपिंग टेस्ट

वर्कशॉप में कार्यरत एक महिला रेल कर्मचारी की पदोन्नति को लेकर नियमों की जमकर धज्जियाँ उड़ाई गईं।

  • क्या है नियम: नियमानुसार, पदोन्नति के लिए टाइपिंग परीक्षा में किसी भी अभ्यर्थी को अधिकतम 3 अवसर दिए जाते हैं। चौथे अवसर के लिए जबलपुर मुख्यालय से विशेष अनुमति अनिवार्य है।

  • गड़बड़ी: अगस्त 2023 में अनुकंपा पर भर्ती हुई यह महिला पिछले तीनों टाइपिंग टेस्ट में फेल हो चुकी थी। इसके बावजूद, अधिकारियों की मिलीभगत से उनका नाम 25 फरवरी को होने वाली 'वरिष्ठ लिपिक' पद की एलिजिबिलिटी लिस्ट में शामिल कर लिया गया।

  • कार्रवाई: जब एक अन्य महिला कर्मचारी ने इसकी शिकायत सतर्कता विभाग में की, तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में प्रशासन ने 13 फरवरी को होने वाली इस पदोन्नति परीक्षा को निरस्त कर दिया। सूत्रों का दावा है कि नियमों को मरोड़कर उक्त महिला को लिपिकीय संवर्ग में स्थायी भी कर दिया गया है, जो जांच का विषय है।

मामला 2: अविवाहित कर्मचारी की जगह रिश्तेदार को नौकरी की कोशिश

वर्कशॉप में ही अनुकंपा नियुक्ति का एक और संदिग्ध मामला सामने आया है। बीटीसी (BTC) में कार्यरत एक अविवाहित रेल कर्मचारी की मृत्यु के बाद उनके एक रिश्तेदार को नौकरी दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

  • नियम: रेलवे के नियमों के अनुसार, अनुकंपा नियुक्ति केवल मृतक के आश्रित (पत्नी या बच्चों) को ही दी जाती है।

  • विवाद: मृतक की माँ द्वारा रिश्तेदार को नौकरी देने का आवेदन किया गया है। अधिकारियों द्वारा इस आवेदन पर विचार करना ही नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में आता है, क्योंकि अविवाहित कर्मचारी के मामले में रिश्तेदार हकदार नहीं होता।

प्रशासनिक साख पर सवाल

इन दोनों मामलों ने वर्कशॉप के प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों में इस बात को लेकर रोष है कि जहाँ योग्य उम्मीदवार नियमों के चक्कर काटते हैं, वहीं कुछ खास लोगों के लिए नियमों को बदला जा रहा है।


#RailwayScam #KotaRailwayWorkshop #PromotionIrregularity #CompassionateAppointment #RailwayNews #WCR #VigilanceInvestigation #KotaNews

G News Portal G News Portal
51 0

0 Comments

No comments yet. Be the first to comment!

Leave a comment

Please Login to comment.

© G News Portal. All Rights Reserved.