डॉक्टरों का चमत्कार: कोटा रेलवे अस्पताल में 45 मिनट तक CPR देकर बचाई रेलकर्मी की जान

डॉक्टरों का चमत्कार: कोटा रेलवे अस्पताल में 45 मिनट तक CPR देकर बचाई रेलकर्मी की जान

 

कोटा। कोटा के रेलवे अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने अपनी मुस्तैदी और अथक प्रयासों से एक रेल कर्मचारी को साक्षात यमराज के मुंह से बाहर निकाल लिया। दिल का दौरा पड़ने के बाद अचानक अचेत हुए कर्मचारी को डॉक्टरों ने लगातार 45 मिनट तक सीपीआर (CPR) देकर नया जीवन दिया। समय पर मिले इस सही इलाज के कारण रेलकर्मी अब पूरी तरह खतरे से बाहर है।

सामान्य ईसीजी के बाद अचानक आया तीव्र हृदयाघात

मिली जानकारी के अनुसार, रेलवे वर्कशॉप में सहायक पद पर कार्यरत 38 वर्षीय मुहम्मद आसिफ खान को सीने में दर्द की शिकायत के बाद गुरुवार को रेलवे अस्पताल लाया गया था। शुरुआती जांच और आपातकालीन वार्ड में की गई ईसीजी (ECG) रिपोर्ट पूरी तरह सामान्य थी और उनके सभी जीवन रक्षक मानक भी स्थिर थे।

इसके बाद आसिफ को सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। लेकिन कुछ ही देर में उन्हें फिर से तेज दर्द उठा। दोबारा की गई ईसीजी जांच में तीव्र हृदयाघात (Severe Heart Attack) के लक्षण सामने आए और देखते ही देखते आसिफ अचानक अचेत होकर गिर पड़े। उनकी नाड़ी और सांसें थम चुकी थीं।

45 मिनट तक चला 'लाइफ सेविंग' ऑपरेशन

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने बिना एक पल गंवाए तुरंत पुनर्जीवन प्रक्रिया (Resuscitation) शुरू की:

  • लगातार सीपीआर: डॉक्टरों की टीम ने करीब 45 मिनट तक बिना थके आसिफ को लगातार सीपीआर दिया।

  • एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट: इस दौरान नसों के माध्यम से आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयां दी गईं और सांस सुचारू करने के लिए 'एंडोट्रेकियल इंट्यूबेशन' (Entodracheal Intubation) किया गया।

  • दिए गए डीसी शॉक: मरीज के दिल को दोबारा धड़काने के लिए तीन बार 'डीसी शॉक' (Defibrillator Shock) भी दिए गए।

चिकित्सकों की इस मैराथन कोशिश के बाद आखिरकार आसिफ की नाड़ी और स्वाभाविक श्वसन प्रक्रिया पुनः चालू हो गई।

वेंटिलेशन सपोर्ट पर निजी अस्पताल किया रेफर

तबीयत में आंशिक सुधार होते ही डॉक्टरों ने रिस्क न लेते हुए एम्बु बैग द्वारा वेंटिलेशन सपोर्ट दिया। इसके बाद एक चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ की कड़ी निगरानी में आसिफ को तुरंत शहर के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया।

निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने तुरंत आसिफ की कोरोनरी एंजियोग्राफी एवं एंजियोप्लास्टी की। इस त्वरित और सटीक इलाज के बाद आसिफ की स्थिति अब पूरी तरह स्थिर है और वे स्वस्थ महसूस कर रहे हैं। डॉक्टरों की सूझबूझ और 'गोल्डन ऑवर' में की गई इस त्वरित कार्रवाई की हर तरफ सराहना हो रही है।


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