जयपुर। राजस्थान जहाँ वर्तमान में अप्रैल की बेमौसमी बारिश से जूझ रहा है, वहीं आगामी मानसून सीजन को लेकर एक 'टेंशन' वाली खबर सामने आई है। निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट (Skymet) द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार, साल 2026 में देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है। इसका सीधा असर राजस्थान समेत देश के मध्य और पश्चिमी भागों पर पड़ने की आशंका है।
स्काईमेट की रिपोर्ट के मुताबिक, जून से सितंबर तक चलने वाले मानसून सीजन में इस साल औसतन 94% (±5%) बारिश होने की संभावना है।
दीर्घकालिक औसत (LPA): देश में वर्षा का अनुमान 868.6 मिमी के औसत का मात्र 94% रहने की उम्मीद है।
सूखे का खतरा: एजेंसी ने इस साल देश में सूखा पड़ने की 30% संभावना जताई है, जबकि बारिश के सामान्य से कम रहने की 40% आशंका है।
पूर्वानुमान के अनुसार, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में अगस्त और सितंबर के दौरान सामान्य से काफी कम वर्षा हो सकती है। यदि यह भविष्यवाणी सच साबित होती है, तो राजस्थान के पश्चिमी जिलों में सूखे जैसी स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे कृषि और खाद्यान्न उत्पादन पर नकारात्मक असर पड़ना तय है।
मौसम विशेषज्ञों ने इस साल मानसून के कमजोर पड़ने का मुख्य कारण 'अल नीनो' (El Niño) का मजबूत होना बताया है।
"मानसून के पहले चरण में ही अल नीनो सक्रिय होने के संकेत हैं, जो साल के अंत तक और भी मजबूत हो सकता है। इसी कारण मानसून के दूसरे भाग (अगस्त-सितंबर) में अच्छी बारिश को लेकर भारी अनिश्चितता बनी हुई है।"
कमजोर मानसून का सबसे सीधा प्रहार खेती पर होगा। मानसून सीजन खरीफ फसलों (जैसे बाजरा, ग्वार, मूंग) की बुवाई का प्रमुख समय होता है। बारिश की कमी से न केवल बुवाई प्रभावित होगी, बल्कि देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में भी गिरावट आ सकती है, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो जाएगा।
हालांकि यह स्काईमेट का निजी अनुमान है, लेकिन देश की आधिकारिक संस्था भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) अप्रैल के अंत तक मानसून 2026 के लिए अपना पहला आधिकारिक पूर्वानुमान जारी करेगी। तभी स्थिति और अधिक स्पष्ट हो पाएगी।
#Monsoon2026 #RajasthanWeather #RainForecast #Skymet #ElNino #AgricultureNews #RajasthanRain #WeatherUpdate #DrySpell #KharifCrops
No comments yet. Be the first to comment!
Please Login to comment.
© G News Portal. All Rights Reserved.