बीकानेर: बीकानेर के नत्थूसर बास इलाके में सात साल पहले हुई एक दिल दहला देने वाली घटना में तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इस मामले में एक महिला और उसकी बेटी की हत्या कर उनकी लाशें पानी की टंकी में फेंक दी गई थी।
क्या था मामला?
साल 2019 में नत्थूसर बास में रहने वाली प्रेरणा और उसकी बेटी रिद्धि के शव घर की पानी की टंकी में मिले थे। मृतका प्रेरणा के पिता मोहनलाल स्वामी ने अपनी बेटी और नातिन की हत्या का आरोप प्रेरणा के पति कमलकांत स्वामी, सास मंजूदेवी और ससुर मुरलीधर पर लगाया था। मोहनलाल स्वामी ने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था और अंततः हत्या कर दी गई।
कोर्ट का फैसला
महिला उत्पीड़न न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई करते हुए तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया है। न्यायाधीश ने कमलकांत स्वामी, मंजूदेवी और मुरलीधर को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 52-52 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
क्या कहा गया फैसले में?
न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि आरोपियों ने प्रमाणों से छेड़छाड़ करने की कोशिश की थी, लेकिन सबूतों के आधार पर उन्हें दोषी करार दिया गया है। न्यायालय ने यह भी कहा कि यह एक क्रूर हत्या थी और आरोपियों को सख्त सजा दी जानी चाहिए।
यह मामला क्यों है महत्वपूर्ण?
यह मामला दहेज प्रथा के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ी जीत है। इस फैसले से यह संदेश जाता है कि दहेज के लिए हत्या करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यह फैसला उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो दहेज के लिए प्रताड़ित की जाती हैं।
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