बीकानेर: शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी स्कूलों में 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे की जगह मातृ-पितृ दिवस मनाने का निर्णय लिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों से जोड़ना है।
शिक्षा विभाग के प्रारंभिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रदेश के सभी स्कूलों में इस दिन माता-पिता के प्रति सम्मान और कर्तव्य की भावना विकसित करने के लिए विशेष आयोजन किए जाएंगे। आदेश में इस आयोजन की कोई विशेष गाइडलाइन नहीं दी गई है, लेकिन यह स्पष्ट किया गया है कि इसे सम्मानजनक तरीके से मनाया जाएगा।
हर साल 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे का युवाओं में खास क्रेज देखा जाता है, लेकिन इस बार शिक्षा विभाग ने इसे भारतीय संस्कृति के अनुरूप मनाने का निर्णय लिया है। इस कदम के तहत विद्यार्थियों को माता-पिता के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी का महत्व समझाया जाएगा।
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी महेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि यह आयोजन स्कूलों में प्रातः सभा के दौरान किया जाएगा। इस अवसर पर विद्यार्थियों को माता-पिता के प्रति जिम्मेदारी और भावनाओं को समझाने के लिए विशेष संबोधन दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, स्कूलों में माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद बढ़ाने के लिए पेरेंट्स मीटिंग का भी आयोजन किया जा सकता है।
शिक्षा विभाग की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को पाश्चात्य संस्कृति से दूर रखते हुए भारतीय संस्कृति और संस्कारों की ओर प्रेरित करना है। माता-पिता के प्रति प्रेम, आदर और कर्तव्यबोध विकसित करने की दिशा में यह निर्णय एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
प्रदेशभर के स्कूलों में इस दिन को हर्षोल्लास के साथ मनाने की तैयारी की जा रही है। शिक्षकों और विद्यार्थियों को इस आयोजन में सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इस फैसले को लेकर समाज में सकारात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई माता-पिता और शिक्षाविदों ने इसे एक सराहनीय पहल बताया है, जो बच्चों को सही दिशा में मार्गदर्शन देने में सहायक सिद्ध होगी।
इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में भी भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए ऐसे कदम उठाए जाएंगे।
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