कोटा। नंदकिशोर मीना की नियुक्ति एक बिना नख और दंत के शेर के रूप में हुई है। प्राइवेट अधिकारी के रूप में नियुक्त मीना को बिलों और अन्य महत्वपूर्ण कागजों पर हस्ताक्षर करने और कर्मचारियों को चार्ज शीट देने के अधिकार संभवतः नहीं होंगे। ऐसे में मीणा के इस महत्वपूर्ण पद पर कामकाज को लेकर चर्चा बनी हुई है। वह भी ऐसे समय में जब स्टेशन पर अमृत भारत योजना के करोड़ों के काम चल रहे हों। ऐसे में कई बार कम समय में महत्वपूर्ण फैसले लेने होते हैं। लेकिन पावर नहीं होने से यह फैसला प्रभावित हो सकते हैं। स्टेशन पर चल रहे काम के चलते यात्री सुविधा प्रभावित होने से पिछले दिनों काफी बवाल भी हो चुका है। डीआरएम के लगातार कई दिन और रात को निरीक्षण के बाद लंबे समय बाद व्यवस्था में सुधार देखने को मिला है। गौरतलब है कि चाकसू के रहने वाले हनुमान प्रसाद मीणा भी फिलहाल कोटा से नहीं जाना चाहते थे।
एससी-एसटी एसोसिएशन ने किया स्वागत
मीणा ने शनिवार को कोटा स्टेशन डायरेक्टर का कार्यभार ग्रहण कर लिया। इस अवसर पर ऑल इंडिया रेलवे एससी-एसटी एसोसिएशन ने सहित अन्य लोगों ने फूलमाला और पगड़ी पहनकर मीणा का जोरदार स्वागत किया। स्वागत करने वालों में एसोसिएशन के मंडल सचिव अभय सिंह मीणा अध्यक्ष नेम सिंह मौर्य, केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य शंकर लाल मीणा तथा जोनल कोषाध्यक्ष सिरमौर मीना सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य शामिल थे।
दोबारा हुए नियुक्त
गौरतलब है कि मीणा 31 मई 2023 को इसी पद से रिटायर हुए थे। रेलवे ने प्रतिनियुक्ति पर मीना को दोबारा इसी पद पर नियुक्ति किया है। इस पद पर नियुक्त हनुमान मीणा का स्थानांतरण भोपाल में सहायक मंडल परिचालन प्रबंधक पद पर किया गया है।