भारतीय रेल की नई उपलब्धि: कोटा में 'अल्सटॉम-प्रणोदन' वंदे भारत का ट्रायल शुरू, 180 kmph की रफ्तार तक होगी टेस्टिंग

कोटा। भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण में एक और सुनहरा अध्याय जुड़ गया है। कोटा रेल मंडल के नागदा-कोटा-मथुरा सेक्शन में भारत की पहली अल्सटॉम-प्रणोदन (Alstom-Propulsion) युक्त वंदे भारत रेक का ट्रायल शुरू कर दिया गया है। अत्याधुनिक तकनीक से लैस इस ट्रेन का परीक्षण आगामी दिनों में विभिन्न चरणों में किया जाएगा।

ट्रायल का पहला दिन: 115 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार

सोमवार को ट्रायल के पहले दिन 16 डिब्बों वाले इस विशेष रेक को कोटा और शामगढ़ के बीच दौड़ाया गया।

  • शुरुआती गति: पहले दिन अधिकतम 115 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार दर्ज की गई।

  • निरीक्षण टीम: लखनऊ स्थित RDSO (अनुसंधान अभिकल्प और मानक संगठन) के अधिकारियों की निगरानी में यह परीक्षण संपन्न हुआ।

  • मुख्य परीक्षण: आरडीएसओ ने मुख्य रूप से ट्रेन के प्रणोदन प्रदर्शन (Propulsion Performance), ब्रेक कार्यक्षमता के सत्यापन और प्रणाली एकीकरण (System Integration) का बारीकी से मूल्यांकन किया।


फ्रांसीसी तकनीक से लैस है यह 'मेड इन इंडिया' ट्रेन

यह नई वंदे भारत ट्रेन भारत और फ्रांस के तकनीकी सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है:

  • निर्माण: इस 16-कार वाले वंदे भारत ट्रेनसेट (चेयर कार) का निर्माण आरसीएफ (रेल कोच फैक्ट्री) कपूरथला में किया गया है।

  • तकनीक: इसमें विश्वप्रसिद्ध फ्रांसीसी कंपनी अल्सटॉम (Alstom) की भारतीय इकाई 'अल्सटॉम ट्रांसपोर्ट इंडिया लिमिटेड' द्वारा विकसित अत्याधुनिक ट्रेन कंट्रोल और प्रोपल्शन सिस्टम (प्रणोदन प्रणाली) लगाई गई है।

  • खासियत: यह तकनीक ट्रेन को अधिक ऊर्जा-कुशल बनाने के साथ-साथ तेज त्वरण (Acceleration) और सुगम नियंत्रण प्रदान करती है।


अगला लक्ष्य: 180 kmph की 'सुपर स्पीड'

कोटा रेल मंडल का यह ट्रैक अपनी सीधी और मजबूत बनावट के कारण हाई-स्पीड ट्रायल्स के लिए जाना जाता है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार:

  1. स्पीड टेस्ट: अगले कुछ दिनों में ट्रायल की गति धीरे-धीरे बढ़ाई जाएगी।

  2. अधिकतम सीमा: इस रेक को 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम संभावित रफ्तार तक दौड़ाकर इसके स्थिरता और सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी।

  3. भविष्य की योजना: सफल ट्रायल के बाद, इस प्रोपल्शन सिस्टम वाली ट्रेनों को भारतीय रेलवे के प्रमुख रूटों पर कमर्शियल परिचालन के लिए उतारा जाएगा।

क्या है प्रोपल्शन सिस्टम? > यह ट्रेन का वह मुख्य हिस्सा होता है जो बिजली को यांत्रिक ऊर्जा में बदलकर पहियों को घुमाता है। अल्सटॉम की यह प्रणाली नई पीढ़ी की वंदे भारत ट्रेनों को पहले से अधिक आधुनिक और विश्वस्तरीय बनाएगी।

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