रेलवे बोर्ड के नए आदेश के अनुसार, कोटा-चोमहला मेमू ट्रेन और कोटा-नागदा पैसेंजर के रूट में निम्नलिखित विस्तार किया गया है। हालांकि, इन ट्रेनों के नए रूट पर संचालन की तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी:
कोटा-चोमहला मेमू (61624/23): अब इस ट्रेन को आगे बढ़ाते हुए उज्जैन तक चलाया जाएगा। इससे कोटा-नागदा क्षेत्र के निवासियों को बाबा महाकाल के दर्शन के लिए एक और सीधी ट्रेन मिल जाएगी।
कोटा-नागदा (61616/15): इस ट्रेन के रूट को छोटा करते हुए अब केवल चोमहला तक ही चलाया जाएगा।
1. कोटा - उज्जैन (वाया चोमहला) मेमू:
कोटा से रवानगी: सुबह 05:45 बजे ➔ उज्जैन आगमन: दोपहर 12:00 बजे
उज्जैन से वापसी: दोपहर 12:30 बजे ➔ कोटा आगमन: शाम 07:00 बजे
2. कोटा - चोमहला ट्रेन:
कोटा से रवानगी: सुबह 07:05 बजे ➔ चोमहला आगमन: सुबह 10:25 बजे
चोमहला से वापसी: दोपहर में रवाना होकर ➔ कोटा आगमन: दोपहर 02:00 बजे
इस आदेश के जारी होते ही यात्रियों और स्थानीय लोगों ने रेलवे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दरअसल, यात्री लंबे समय से मांग कर रहे थे कि:
कोटा-नागदा ट्रेन को आगे बढ़ाकर उज्जैन तक किया जाए।
कोटा-चोमहला ट्रेन को आगे बढ़ाकर रतलाम तक किया जाए।
लेकिन रेलवे ने इसके बिल्कुल विपरीत फैसला लेते हुए कोटा-चोमहला को उज्जैन भेज दिया और कोटा-नागदा को चोमहला पर ही रोक दिया।
यात्रियों का आरोप: रेलवे अधिकारी 'ब्लॉक' (पटरियों के रखरखाव का समय) का बहाना बनाकर ट्रेनों के सही विस्तार से बच रहे हैं। अगर ट्रेनों के समय में मामूली बदलाव किया जाए, तो इस ब्लॉक की समस्या से आसानी से निपटा जा सकता है। लेकिन कोटा मंडल के अधिकारी यह कसरत (प्रयास) करना ही नहीं चाहते।
दिलचस्प बात यह है कि इस विवादित फैसले की आशंका 'G News' ने करीब एक साल पहले 11 जून 2025 को ही अपनी एक रिपोर्ट में जता दी थी। उस समय रेलवे के उच्च अधिकारियों ने इस खबर को पूरी तरह से गलत और अफवाह बताया था, लेकिन अब बोर्ड का आधिकारिक आदेश आने के बाद मीडिया की वह आशंका सच साबित हो गई है।
स्थानीय संगठनों और दैनिक यात्रियों ने रेलवे बोर्ड से इस फैसले पर पुनर्विचार करने और जनता की सुविधा के अनुसार रूट तय करने की मांग की है।
#KotaRailway #IndianRailways #KotaNews #Ujjain #MahakalDarshan #RailwayBoard #PublicProtest #MewarRailwayNews
No comments yet. Be the first to comment!
Please Login to comment.
© G News Portal. All Rights Reserved.