देवली, 16 दिसंबर। जयपुर और दिल्ली में हाल ही में हुए कोचिंग संस्थानों से जुड़े हादसों के बाद भी देवली में प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया है। शहर में कई कोचिंग संस्थान बेसमेंट में चल रहे हैं, जहां सुरक्षा के नाम पर कोई इंतजाम नहीं है। यहां तक कि कुछ कोचिंग संस्थान बिना मान्यता के स्कूलों का संचालन कर रहे हैं।
देवली शहर के कई कोचिंग संस्थानों में अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकासी योजना और वेंटिलेशन जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। छात्रों की सुरक्षा के लिए बनाए गए सरकारी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कई कोचिंग संस्थान ऐसे भवनों में चल रहे हैं, जो आग या अन्य आपदा की स्थिति में खतरनाक साबित हो सकते हैं।
शहर के कुछ कोचिंग संस्थान न केवल मान्यता के बिना संचालित हो रहे हैं, बल्कि स्कूल के तौर पर भी काम कर रहे हैं। यह न केवल शिक्षा के नियमों का उल्लंघन है, बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है।
देवली में प्रशासन की लापरवाही स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। शहर के कोचिंग संस्थानों पर कोई निगरानी नहीं रखी जा रही है। कोचिंग संचालकों द्वारा नियमों का पालन न किए जाने के बावजूद कार्रवाई का अभाव स्थानीय प्रशासन की उदासीनता को उजागर करता है।
शहर के छात्रों और उनके अभिभावकों में कोचिंग संस्थानों की लापरवाही को लेकर चिंता बढ़ रही है। अभिभावकों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले में गंभीरता दिखानी चाहिए और सुरक्षा मानकों का पालन करवाना चाहिए।
जयपुर और दिल्ली जैसी घटनाओं से सीख लेकर देवली प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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