कोटा | 15 मई, 2026 कोटा रेल मंडल में संवादहीनता को खत्म करने और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए मंडल रेल प्रबंधक (DRM) अनिल कालरा ने एक नई पहल की है। अब डीआरएम सीधे रेल कर्मचारियों और आम जनता से रूबरू होंगे। इसके लिए सप्ताह का एक विशेष दिन और समय निर्धारित किया गया है।
निश्चित समय: हर गुरुवार शाम 5:00 से 6:00 बजे तक डीआरएम जनसुनवाई करेंगे।
वैकल्पिक दिन: यदि किसी अपरिहार्य कारणवश गुरुवार को सुनवाई नहीं हो पाती है, तो इसके लिए शुक्रवार का दिन सुरक्षित रखा गया है।
कौन मिल सकता है? इस व्यवस्था का लाभ न केवल रेल कर्मचारी अपनी सर्विस संबंधी समस्याओं के लिए उठा सकते हैं, बल्कि आम नागरिक भी रेलवे से जुड़ी अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
डीआरएम तक अपनी बात पहुँचाने के लिए एक व्यवस्थित प्रक्रिया (SOP) तय की गई है:
प्रारंभिक स्तर: सबसे पहले शिकायतकर्ता को संबंधित शाखा अधिकारी (Branch Officer) के पास अपनी समस्या रखनी होगी।
द्वितीय स्तर: यदि वहां समाधान नहीं मिलता, तो मामला अपर मंडल रेल प्रबंधक (ADRM) के समक्ष ले जाना होगा।
डीआरएम का द्वार: जब उपरोक्त दोनों स्तरों पर सुनवाई न हो, तब डीआरएम को आवेदन किया जा सकता है।
पंजीकरण अनिवार्य: डीआरएम से मिलने के लिए पहले से पंजीकरण (Registration) कराना आवश्यक होगा।
रेलवे गलियारों में इस नई व्यवस्था को लेकर उत्साह तो है, लेकिन संदेह भी बना हुआ है।
पुराना इतिहास: यह पहली बार नहीं है जब कोटा मंडल में इस तरह की 'ओपन हियरिंग' शुरू हुई हो। पूर्व में भी कई डीआरएम ने ऐसी व्यवस्थाएं लागू कीं, लेकिन कुछ ही समय बाद वे ठंडे बस्ते में चली गईं।
विफलता का डर: पिछली बार ये योजनाएं नियमितता के अभाव और प्रशासनिक व्यस्तताओं के कारण फेल हो गई थीं। अब देखना यह होगा कि वर्तमान डीआरएम अनिल कालरा इसे कितनी निरंतरता दे पाते हैं।
यदि यह व्यवस्था सुचारू रूप से चलती है, तो इससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि निचले स्तर पर अटकी फाइलों और लंबित शिकायतों का भी तेजी से निपटारा हो सकेगा।
#KotaDRM #RailwayNews #GrievanceRedressal #KotaDivision #IndianRailways #WestCentralRailway #RailwayStaff #PublicHearing #AnilKalra
No comments yet. Be the first to comment!
Please Login to comment.
© G News Portal. All Rights Reserved.