कोटा: कोटा रेल मंडल में दाढ़देवी स्टेशन पर अव्यवस्थाओं की खबरों के बाद DRM अनिल कालरा की नाराजगी का असर दिखा। शनिवार को वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक विनोद गुप्ता और मंडल वाणिज्य प्रबंधक किशोर पटेल सहित इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचे। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान पाया कि स्टेशन पर सब कुछ सामान्य है।
सुविधाएं हैं पर्याप्त, यात्री नहीं
अधिकारियों ने बताया कि स्टेशन पर यात्री भार की तुलना में कई गुना बेहतर सुविधाएं मौजूद हैं।
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दाढ़देवी स्टेशन से रोजाना औसतन मात्र तीन यात्री सफर करते हैं। ये यात्री भी गुर्जर समाज के लोग होते हैं जो कोटा आते हैं।
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रेलवे को यहाँ से आय मात्र 144 रुपये है, जबकि इसके मुकाबले स्टेशन पर टीन शेड, पानी, बिजली, पंखे और बैठने के लिए पर्याप्त बेंच जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
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यात्री नहीं होने के कारण शौचालय पर ताला लगा रहता है, लेकिन मांगने पर स्टेशन मास्टर द्वारा हर यात्री को शौचालय की चाबी दी जाती है।
जंगलों से घिरा स्टेशन, श्रद्धालुओं की आवाजाही नहीं
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि स्टेशन के आसपास कोई आबादी नहीं है और यह पूरा जंगली एरिया है। वन क्षेत्र का होने के चलते रेलवे को यहाँ तक सड़क बनाने में भी परेशानी हो रही है।
एक महत्वपूर्ण जानकारी यह भी है कि प्रसिद्ध दाढ़देवी माता जी का मंदिर भी स्टेशन से लगभग 5 किलोमीटर दूर हाईवे पर स्थित है। इस कारण श्रद्धालु दर्शनों के लिए स्टेशन पर नहीं पहुँचते हैं।
उल्लेखनीय है कि स्टेशन पर अव्यवस्थाओं से जुड़ी खबरों के बाद DRM कालरा ने शुक्रवार को निरीक्षण कर स्टेशन अधीक्षक को डांट फटकार लगाई थी, जिसके बाद अन्य अधिकारियों ने शनिवार को यहाँ का दौरा किया।
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