कोटा। रामगंजमंडी आरपीएफ ने बिजली के तारों (ओवरहेड इक्विपमेंट - OHE) की चोरी के एक बड़े मामले में 4 साल से फरार चल रहे आरोपी मुस्तकीम खान मेवाती उर्फ गोपी उर्फ कारिया पुत्र असगर अली खान को गिरफ्तार कर लिया है। मुस्तकीम को रविवार को कोटा अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
मुस्तकीम मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के मशाबाद छोटा खेड़ा कलमेड़ी का रहने वाला है। मुखबिर की सूचना पर उसे उसके घर से ही गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, मुस्तकीम के खिलाफ भोपाल के अलग-अलग थानों में चोरी के करीब एक दर्जन मामले दर्ज हैं। इस मामले में अभी भी कई आरोपी फरार चल रहे हैं।
यह घटना 22 अप्रैल 2021 की रात की है, जब 8 चोरों ने रामगंजमंडी-भोपाल नई रेल लाइन स्थित झालरापाटन और जूनाखेड़ा के बीच करीब एक किलोमीटर ओएचई तार काट लिए थे। इन तारों का मूल्य करीब 10 लाख रुपये आंका गया था। इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि इस सूने रेल खंड में चोरी रोकने के लिए रेलवे ने ओएचई में 25 हजार वोल्ट का करंट छोड़ रखा था। इसके बावजूद चोरों ने तारों को काट लिया, जिससे कोटा रेल मंडल में भारी हड़कंप मच गया था। घटना के बाद रामगंजमंडी आरपीएफ ने अज्ञात चोरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की थी। उस समय इस रेल खंड पर ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हुआ था।
इस घटना के करीब पौने 3 महीने बाद, मुख्य आरोपी हमीद उर्फ बंटी को पकड़ा गया था। साथ ही, तीन कबाड़ियों को भी गिरफ्तार कर आरपीएफ ने चोरी गया पूरा माल बरामद कर लिया था। उस समय आरपीएफ ने सात आरोपियों को फरार घोषित किया था। घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जबलपुर मुख्यालय से आरपीएफ के तत्कालीन आईजी प्रदीप कुमार गुप्ता ने झालावाड़ पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया था। अब 4 साल बाद मुस्तकीम की गिरफ्तारी इस मामले में एक और महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुई है।
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