पचपदरा रिफाइनरी: PM मोदी के उद्घाटन से पहले 'क्रेडिट वॉर' तेज, गहलोत ने लागत को लेकर घेरा

पचपदरा रिफाइनरी: PM मोदी के उद्घाटन से पहले 'क्रेडिट वॉर' तेज, गहलोत ने लागत को लेकर घेरा

लोतरा (पचपदरा) | राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित देश की बहुप्रतीक्षित HPCL राजस्थान रिफाइनरी का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 अप्रैल को करने जा रहे हैं। लेकिन इस मेगा प्रोजेक्ट के लोकार्पण से ठीक पहले प्रदेश की सियासत पूरी तरह गर्मा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रिफाइनरी की बढ़ती लागत और देरी को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।

'इंतजारशास्त्र' के जरिए गहलोत का वार

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी सोशल मीडिया सीरीज 'इंतजारशास्त्र' (चैप्टर-19) के माध्यम से भाजपा की घेराबंदी की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की 'अटकाने और लटकाने' वाली नीति के कारण राजस्थान को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

  • लागत में भारी उछाल: गहलोत के अनुसार, जो प्रोजेक्ट 37,229 करोड़ रुपये में पूरा होना था, वह देरी की वजह से अब करीब 80,000 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है।

  • देरी का आरोप: गहलोत ने कहा कि 2013 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट को भाजपा ने केवल श्रेय लेने के चक्कर में सालों तक लटकाए रखा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने कोविड की चुनौतियों के बावजूद 80% कार्य पूरा कर लिया था।

मारवाड़ की 'आर्थिक भाग्यरेखा' बनेगा यह प्रोजेक्ट

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा सरकार इस प्रोजेक्ट को राजस्थान के लिए 'गेम चेंजर' मान रही है। 21 अप्रैल को होने वाला यह उद्घाटन पश्चिमी राजस्थान की तस्वीर बदलने वाला साबित हो सकता है।

रिफाइनरी की प्रमुख विशेषताएं:

  • ज्वाइंट वेंचर: यह प्रोजेक्ट HPCL (74%) और राजस्थान सरकार (26%) का साझा उपक्रम है।

  • आधुनिक तकनीक: 9 MMTPA क्षमता वाली यह देश की पहली ऐसी रिफाइनरी है जो इंटीग्रेटेड पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स के साथ काम करेगी।

  • रोजगार की उम्मीद: यहाँ से निकलने वाले उप-उत्पादों (By-products) पर आधारित कई सहायक उद्योग विकसित होंगे, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा।

सियासी पारा हाई: विकास बनाम श्रेय

जहाँ भाजपा इसे मारवाड़ की 'आर्थिक भाग्यरेखा' बता रही है, वहीं गहलोत इसे 'भ्रष्टाचार और देरी का नमूना' करार दे रहे हैं। गहलोत का सवाल है कि इस देरी की वजह से जो अतिरिक्त हजारों करोड़ रुपये खर्च हुए, उसका जिम्मेदार कौन है?

निष्कर्ष: पचपदरा रिफाइनरी केवल तेल और गैस का केंद्र नहीं, बल्कि अब राजस्थान की राजनीति का भी केंद्र बन गई है। PM मोदी के दौरे से पहले इस 'क्रेडिट वॉर' ने आगामी चुनावों और प्रदेश के सियासी माहौल को और अधिक दिलचस्प बना दिया है।


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