तत्काल टिकटों की 'नो-एंट्री' पर भड़के यात्री, रेलवे ने लागू की 'टोकन व्यवस्था'

तत्काल टिकटों की 'नो-एंट्री' पर भड़के यात्री, रेलवे ने लागू की 'टोकन व्यवस्था'

कोटा। रेलवे स्टेशनों पर तत्काल टिकट काउंटर खोलते ही टिकट गायब हो जाने और अपनों को उपकृत करने की शिकायतों के बाद आखिरकार कोटा मंडल प्रशासन जागा है। लगातार मिल रही गड़बड़ियों और यात्रियों के हंगामे को देखते हुए कोटा मंडल में तत्काल आरक्षण के लिए अब 'टोकन प्रणाली' लागू कर दी गई है। रेलवे का दावा है कि इस नई व्यवस्था से तत्काल टिकट आरक्षण प्रक्रिया सरल, व्यवस्थित और यात्री अनुकूल होगी, जिससे कतार में खड़े वास्तविक यात्रियों को उनके निर्धारित क्रम के अनुसार सहज रूप से टिकट मिल सकेंगे।

टोकन वितरण का समय तय

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Sr. DCM) सौरभ जैन ने बताया कि नई व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए टोकन वितरण का समय निर्धारित कर दिया गया है:

  • वातानुकूलित (AC) श्रेणी: सुबह 9:00 बजे से 9:25 बजे तक टोकन बांटे जाएंगे।

  • शयनयान (Sleeper) श्रेणी: सुबह 9:30 बजे से 9:55 बजे तक टोकन वितरित किए जाएंगे।

इन निर्धारित समय स्लॉट में टोकन लेने के बाद यात्रियों को उनके टोकन नंबर के क्रम के अनुसार ही तत्काल टिकट काउंटर से टिकट जारी किए जाएंगे।

"एक नंबर पर था, फिर भी नहीं मिला टिकट" — श्री महावीर जी स्टेशन का हाई वोल्टेज ड्रामा

रेलवे प्रशासन ने यह सख्त कदम तत्काल टिकट खिड़की पर चल रहे 'खेल' के बेनकाब होने के बाद उठाया है। ताजा और सबसे विवादित मामला श्री महावीर जी स्टेशन से सामने आया, जिसने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।

पीड़ित यात्री शेर सिंह मीणा ने बताया कि वह 18 मई की सुबह बेहद कड़ाके की ठंड/सुबह के वक्त 5 बजे ही लाइन में लग गया था। कतार में उसका पहला (1) नंबर था। उसके ठीक पीछे घनश्याम और अजय मीणा दूसरे और तीसरे नंबर पर खड़े थे। घंटों इंतजार के बाद जब सुबह तत्काल की खिड़की खुली, तो जो हुआ उसने सबके होश उड़ा दिए।

दबंगई की इंतहा: शेर सिंह का आरोप है कि लाइन में पहले नंबर पर होने के बावजूद आरक्षण बाबू ने उसे टिकट नहीं दिया और अपने किसी चहेते/मिलने वाले का टिकट पहले बना दिया। जब शेर सिंह ने इस धांधली का विरोध किया, तो काउंटर पर बैठे बाबू ने रौब दिखाते हुए कहा— "मेरा नाम प्रेमा सिंह है, पहले आरपीएफ (RPF) में था। मैं तो इसी तरह टिकट बनाऊंगा, जो करना है कर लो।"

आरपीएफ ने झाड़ा पल्ला, कोटा मंडल तक पहुंची गूंज

पीड़ित यात्रियों ने तुरंत इस दादागिरी की शिकायत आरपीएफ से की, लेकिन वहां से भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी। आरपीएफ कर्मियों ने यह कहते हुए साफ पल्ला झाड़ लिया कि "लाइन लगवाना और लाइन से टिकट कटवाना हमारी जिम्मेदारी नहीं है।" व्यवस्था से परेशान होकर शेर सिंह मीणा ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत कोटा मंडल के उच्च अधिकारियों से की है।

गौरतलब है कि ऐसी ही धांधली की एक शिकायत भवानी मंडी स्टेशन से भी सामने आई है, जहाँ एक शिक्षक यात्री ने लाइन में लगने के बावजूद तत्काल टिकट न मिलने और नियमों को ताक पर रखने का आरोप लगाया है।

अब टोकन से रुकेगी 'मनमानी'

इन लगातार आ रही शिकायतों के बाद कोटा रेल मंडल ने तत्काल प्रभाव से टोकन व्यवस्था लागू कर दी है। अब देखना यह होगा कि यह नई व्यवस्था आरक्षित टिकटों की कालाबाजारी और रेल कर्मियों की मिलीभगत पर कितनी लगाम लगा पाती है।

#KotaRailway #TatkalTicketScam #IndianRailways #WestCentralRailway #KotaDivison #RailwayTokenSystem #YatriSuvidha #RailwayCorruption

G News Portal G News Portal
49 0

0 Comments

No comments yet. Be the first to comment!

Leave a comment

Please Login to comment.

© G News Portal. All Rights Reserved.