राजस्थान में 13,500 नियुक्ति पत्र बांटने को लेकर राजनीति गरमा गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को रोजगार उत्सव में 13,500 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर युवाओं के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। इस पर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने तीखा पलटवार किया और भाजपा पर भर्तियों का क्रेडिट लेने का आरोप लगाया।
डोटासरा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा बांटे गए 13,500 नियुक्ति पत्र कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में निकाली गई भर्तियों का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, "भाजपा सरकार इन भर्तियों को अपनी बताकर झूठी वाहवाही लूटने की कोशिश कर रही है।"
डोटासरा ने यह भी स्पष्ट किया कि 3 अगस्त 2023 को कांस्टेबल भर्ती, 20 जून 2023 को 5388 कनिष्ठ लेखाकार और तहसील राजस्व लेखाकार पदों के लिए भर्ती, और 1 नवंबर 2023 को सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (संविदा) भर्ती कांग्रेस सरकार ने निकाली थी।
डोटासरा ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति मृतक कर्मचारियों के आश्रितों का अधिकार है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह की नियुक्तियों को लेकर अपनी पीठ थपथपाना अनुचित है।
डोटासरा ने भाजपा सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने एक लाख नई नियुक्तियां देने का वादा किया था, लेकिन 12 महीने में न तो एक भी नई भर्ती विज्ञप्ति निकाली और न ही कोई नई प्रक्रिया शुरू की। उन्होंने कहा, "भाजपा सरकार कांग्रेस शासनकाल में शुरू की गई भर्तियों को पूरा करने में ही समय बर्बाद कर रही है। ऐसे में युवाओं को सरकार की वादाखिलाफी से गहरा धक्का लगा है।"
यह मुद्दा राजस्थान में आगामी चुनावों से पहले सियासी तकरार का केंद्र बन गया है। जहां भाजपा सरकार इसे अपनी उपलब्धि के रूप में प्रचारित कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे अपनी भर्तियों का श्रेय छीनने की कोशिश करार दे रही है।
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